कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि सरकार ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधान सभा चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने तथा चुनावी लाभ हासिल करने के लिए इस महीने संसद का ‘विशेष सत्र’ बुलाया है, जो चुनाव आचार संहिता का घोर उल्लंघन है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने जोर दिया कि परिसीमन की प्रक्रिया में जल्दबाजी के ‘खतरनाक’ नतीजे होंगे। ‘हम राज्य स्तर पर लोक सभा सीटों की संख्या के तुलनात्मक अंतर में बदलाव नहीं चाहते। यह जानकारी भी मिली है कि लोक सभा की सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की समानुपातिक वृद्धि की जाएगी और अगर ऐसा होता है तो दक्षिण, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के छोटे राज्यों को नुकसान होगा।’
उन्होंने दावा भी किया कि महिला आरक्षण के विषय पर सरकार 30 महीने बाद जागी है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन करके दोबारा श्रेय लेना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के साथ परिसीमन का भी एकतरफा फैसला किया, जबकि इस बारे में विपक्ष के साथ कोई बातचीत नहीं की।
महिला आरक्षण विधेयक पारित करने के लिए गुरुवार को संसद का वर्तमान बजट सत्र बढ़ा दिया गया और अब लोक सभा तथा राज्यसभा की अगली बैठक 16 अप्रैल को होगी।