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छोटे व मझोले उद्यमों ने बढ़ाई यूपी की आमदनी

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Last Updated- December 12, 2022 | 7:22 AM IST

उत्तर प्रदेश में महामारी, लाकडाउन और मंदी के दौर में भी छोटे व मझोले उद्यमों के बूते राज्य की आय में वृद्धि के साथ ही 30 लाख लोगों को रोजगार मिल सका है। चालू वित्त वर्ष प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के करीब 9 लाख उद्यमों को बैंकों से कर्ज मिला है।
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव एमएसएमई व सूचना नवनीत सहगल के मुताबिक कोरोना संक्रमण कम होने से आर्थिक एवं औद्योगिक गतिविधियां तेजी से सामान्य हो रही हैं और राज्य की आय में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का निर्यात कोरोना के बावजूद भी पिछले स्तर से इस वित्तीय वर्ष मे लगभग बराबर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पुरानी इकाइयों को कार्यशील पूंजी की समस्या को दूर करने के लिए बैंकों से समन्वय करके आत्मनिर्भर पैकेज में 4.39 लाख इकाइयों को 12,045 करोड़ रुपये के कर्ज बैंकों से समन्वय बना कर दिलाया गया है।
सहगल ने बताया कि बैंकों से समन्वय करके प्रदेश में अभी तक 8.69 लाख नई एमएसएमई इकाइयों को 31076 करोड़ रुपये बैंकों ने कर्ज के तौर पर दिए हैं। उनके मुताबिक इस प्रकार नई एवं पुरानी एमएसएमई इकाइयों को लगभग 43,000 करोड़ रुपये बैंकों द्वारा ऋण वितरित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नई एवं पुरानी एमएसएमई इकाइयों के अतिरिक्त एमएसएमई इकाइयों को मिलाकर इस वित्तीय वर्ष में एमएसएमई इकाइयों लगभग 61 हजार करोड़ रुपये बैंकों ने कर्ज दिया है। इन एमएसएमई इकाइयों के जरिए लगभग 30 लाख से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि सरकार युवाओं को सरकारी नौकरी, रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम चला रही है। उन्होंने बताया कि सभी आयोगों, विभागों, निगमों, परिषदों की पारदर्शी ढंग से रिक्तियां को भरने के लिए प्रक्रिया की जा रही है।
सहगल ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के लिए कृतसंकल्प है और किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनकी फसल को खरीदे जाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। जिसके क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा 1 अक्टूबर, 2020 से 28 फरवरी, 2021 तक धान खरीद कर इस वर्ष 66.83 लाख मीट्रिक टन का रिकार्ड धान खरीद की गयी, जोकि अब तक की प्रदेश में सर्वाधिक धान खरीद है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा एक अप्रैल, 2021 से स पूर्ण प्रदेश में गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रूपये प्रति कुन्तल पर की जायेगी। इसके लिए पंजीकरण 1 मार्च से शुरु कर दिया गया है।

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First Published - March 5, 2021 | 11:44 PM IST

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