facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका-ईरान समझौते का दिख रहा असर, होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए रवाना हुए उर्वरकों से लदे 4 जहाजब्रह्मोस मिसाइल का नया अवतार: वजन में हल्की और स्टेल्थ तकनीक से लैस, दुश्मनों के छूटेंगे पसीनेMeta की बड़ी डील: फिनटेक कंपनी CRED में लगाए 90 करोड़ डॉलर, कुणाल शाह बने व्हाट्सऐप के ग्लोबल हेडइन्फो एज का बड़ा दांव: 50 से अधिक AI और डीप-टेक स्टार्टअप्स में किया ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का निवेशब्रिटिश पीएम कीर स्टॉर्मर का भावुक इस्तीफा, क्या अधर में लटक जाएगा भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता?US ट्रेड डील पर पीयूष गोयल ने कहा: समय सीमा की चिंता अमेरिका की है, मुझे इसकी कोई फिक्र नहींआर्थिक मोर्चे पर झटका: मई में 7 महीने के निचले स्तर 0.5% पर आई भारत के 8 मुख्य सेक्टर्स की ग्रोथरिकॉर्ड उछाल: भारत में शुद्ध FDI 4 गुना बढ़कर $6.58 अरब के पार, विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसाUS-Iran Peace Deal: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- ईरान से बातचीत ने युद्ध खत्म करने की मजबूत नींव रखीअमेरिकी अर्थव्यवस्था के ‘धुरंधर’ और फेड के पूर्व प्रमुख एलन ग्रीनस्पैन का निधन, 100 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

हड़ताल से बिगड़ी फिल्मों की चाल

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 11:52 PM IST

फिल्म निर्माताओं की हड़ताल के कारण मल्टीप्लेक्सों के कारोबार में 30-50 फीसदी की गिरावट आने की आशंका है।
इस कारण मल्टीप्लेक्स मालिकों ने विज्ञापन और मार्केटिंग पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए कम स्क्रीनों पर ही फिल्में दिखाने का फैसला किया है। इसके साथ ही मल्टीप्लेक्सों ने होने वाली नियुक्तियों को भी टाल दिया है।
मल्टीप्लेक्स शृंखलाओं के अनुसार मल्टीप्लेक्स हर महीने 40 लाख रुपये से लेकर लगभग 1 करोड़ रुपये का कारोबार करते हैं। लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि मल्टीप्लेक्स कितना बड़ा है। हालांकि मल्टीप्लेक्स मालिकों के साथ मुनाफे में बराबर की हिस्सेदारी मांग रहे फिल्म निर्माताओं की हड़ताल के कारण कोई भी नई फिल्म रिलीज नहीं होगी।
इस कारण मल्टीप्लेक्स मालिकों को कारोबार में 30-50 फीसदी गिरावट आने की आशंका है। मल्टीप्लेक्स मालिकों को 10-15 लाख रुपये की कमाई होने की उम्मीद है। फिलहाल इन मल्टीप्लेक्सों में हालिया रिलीज हुई फिल्मों को ही दिखाया जा रहा है।
फन मल्टीप्लेक्स के मुख्य परिचालन अधिकारी विशाल कपूर ने बताया, ‘हमें अपने परिचालन की कीमत कम करनी पड़ेगी क्योंकि नई फिल्में रिलीज नहीं होने से हमारे कारोबार पर असर पड़ेगा। अगर अभी तक हम चार स्क्रीन पर फिल्में दिखा रहे थे, तो अब हम दो स्क्रीन पर ही फिल्म दिखाएंगे। हमने कर्मचारियों की नियुक्तियां भी रोक दी हैं।’
मल्टीप्लेक्सों में सबसे ज्यादा खर्च बिजली, किराए और स्टाफ के वेतन पर होता है। मल्टीप्लेक्सों की 30 फीसदी कमाई खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थों की बिक्री से होती है, जबकि बाकी कमाई टिकटों की बिक्री पर निर्भर करती है।
कपूर ने बताया, ‘वैसे भी मल्टीप्लेक्सों में आने वाले लोगों की संख्या में 15 फीसदी की गिरावट आई है।’ श्रीनगर सिनेमाज की फेम मल्टीप्लेक्स शृंखला की शोनाली श्रॉफ ने बताया, ‘हम इस साल अपने विज्ञापन और मार्केटिंग बजट में कमी करेंगे। इसके साथ ही हम शो की संख्या भी कम करेंगे। कम संख्या में शो दिखाकर हम बिजली की खपत कम कर सकते हैं, जिससे हमारी लागत घटेगी।’
श्रीनगर सिनेमाज के मार्के टिंग प्रमुख अभिषेक रैना ने बताया, ‘कुल मिलाकर हम विज्ञापन और मार्केटिंग पर किए जाने वाले खर्च में 30-40 फीसदी की कटौती करने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए हमने अभी से उन फिल्मों के विज्ञापन देना बंद कर दिया है , जिनके विज्ञापन वितरक भी दे रहे हैं।
आमतौर पर हम हर हफ्ते दो अखबारों में दो विज्ञापन देने के लिए 40 हजार-60 हजार के बीच खर्च करते हैं। तो हम वहां पर भी खर्च कम कर रहे हैं। इसके साथ ही हम कई विज्ञापनों की लागत घटाने के लिए कई ब्रांडों के साथ भी बातचीत कर रहे हैं।’ इसके साथ ही आईपीएल से भी इन मल्टीप्लेक्सों के कारोबार पर मार पड़ने की आशंका है।

Advertisement
First Published - April 10, 2009 | 4:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement