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कौन हैं ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ एंडी बर्नहैम, जो ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं

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कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहैम ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए लोगों से देश में स्थिरता लाने का भरोसा दिया है

Last Updated- June 22, 2026 | 4:28 PM IST
Andy Burnham
ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे के ऐलान के कुछ ही घंटों के भीतर लेबर पार्टी में नए नेता को चुनने की हलचल तेज हो गई है। इस रेस में सबसे आगे चल रहे एंडी बर्नहैम ने औपचारिक रूप से अपनी दावेदारी पेश कर दी है। बर्नहैम ने साफ किया है कि उनका पूरा ध्यान देश की आर्थिक तरक्की, रहन-सहन के खर्च (कॉस्ट ऑफ लिविंग) को कम करने और सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने पर होगा।

बर्नहैम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर स्टार्मर को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस मुश्किल वक्त में उन्होंने देश का बेहतरीन नेतृत्व किया। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि सत्ता का यह बदलाव बेहद शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी भरा होगा।

क्यों चर्चा में हैं ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ एंडी बर्नहैम?

56 साल के एंडी बर्नहैम अभी ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर हैं और उन्हें लंबे समय से लेबर पार्टी के भीतर कीर स्टार्मर के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जाता रहा है। बर्नहैम को उनकी बेबाक बयानबाजी और उत्तरी इंग्लैंड के हितों की मजबूती से वकालत करने के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि मशहूर वेब सीरीज ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ के किरदार जॉन स्नो की तर्ज पर उन्हें ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ (उत्तर का राजा) कहा जाने लगा। बर्नहैम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे साल 2017 से अब तक तीन बार मेयर का चुनाव बड़े अंतर से जीत चुके हैं।

राजनीतिक तौर पर बर्नहैम को लेबर पार्टी की पारंपरिक वामपंथी (लेफ्ट) विचारधारा के करीब माना जाता है। दूसरी तरफ, कीर स्टार्मर ने दक्षिणपंथी पार्टी ‘रिफॉर्म यूके’ की बढ़ती लोकप्रियता से निपटने के लिए खुद को सेंटर-राइट (मध्य-दक्षिणपंथी) की तरफ झुकाने की कोशिश की थी, लेकिन उनका यह दांव पूरी तरह से उल्टा पड़ गया।

Also Read: ब्रिटिश PM स्टार्मर का इस्तीफा, अंदरूनी कलह के बाद हटे; कहा: पार्टी को नहीं लगता मैं चुनाव जिता सकता हूं

स्पेशल चुनाव की इस जीत ने पलट दी बाजी

एंडी बर्नहैम के लिए प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का रास्ता शुक्रवार को आए मेकरफील्ड विशेष संसदीय चुनाव के नतीजों से साफ हुआ। इस चुनाव में बर्नहैम ने एकतरफा और बेहद धमाकेदार जीत दर्ज की। उन्होंने नाइजल फराज की ‘रिफॉर्म यूके’ और ‘रिस्टोर ब्रिटेन’ जैसी पार्टियों को करारी शिकस्त दी। बर्नहैम को मिले वोटों की संख्या इन दोनों पार्टियों को मिले कुल वोटों से भी करीब 10 हजार ज्यादा थी।

इस बंपर जीत ने लेबर पार्टी के सांसदों के भीतर यह भरोसा जगा दिया है कि साल 2029 के आम चुनाव में नाइजल फराज का मुकाबला करने के लिए बर्नहैम ही सबसे सही और मजबूत उम्मीदवार हैं। बर्नहैम की इसी भारी जीत के बाद स्टार्मर और उनके करीबियों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या वे बर्नहैम के इस चैलेंज के आगे टिक पाएंगे या नहीं।

स्टार्मर ने कहा: देश के लिए नई शुरुआत का वक्त

लगातार बढ़ते दबाव और अनिश्चितता के बाद आखिरकार सोमवार को कीर स्टार्मर ने अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। उन्होंने 10 डाउनिंग स्ट्रीट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अपने कार्यकाल के फैसलों का बचाव किया। स्टार्मर ने कहा कि अब देश और पार्टी के नेतृत्व के लिए एक नया अध्याय शुरू करने का वक्त आ गया है।

स्टार्मर ने आने वाले नए प्रधानमंत्री को अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया और उम्मीद जताई कि सत्ता का हस्तांतरण बिना किसी अड़चन के पूरा होगा। वहीं दूसरी ओर, बर्नहैम इस बदलाव को पार्टी के लिए एक नई ऊर्जा और सुधार के मौके के रूप में देख रहे हैं।

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First Published - June 22, 2026 | 4:28 PM IST

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