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रिकॉर्ड उछाल: भारत में शुद्ध FDI 4 गुना बढ़कर $6.58 अरब के पार, विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसा

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आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी आवक में तेजी और कम निकासी के चलते अप्रैल 2026 में भारत का शुद्ध एफडीआई चार गुना बढ़कर 6.58 अरब डॉलर हो गया

Last Updated- June 22, 2026 | 10:37 PM IST
FDI

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार इक्विटी की आवक में तेजी और और विदेशी निवेशकों द्वारा कम निकासी के कारण अप्रैल 2026 में भारत में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पिछले वर्ष की समान अवधि तुलना में 4 गुना से अधिक बढ़कर 6.58 अरब डॉलर हो गई। अप्रैल 2025 में शुद्ध एफडीआई 1.59 अरब डॉलर और मार्च 2026 में 91.7 करोड़ डॉलर थी।  

सकल एफडीआई की आवक अप्रैल में सालाना आधार पर 65 प्रतिशत बढ़कर 15.29 अरब डॉलर हो गई, जो एक साल पहले 9.25 अरब डॉलर और मार्च में 6.63 अरब डॉलर थी।

एफडीआई  में सबसे बड़ी हिस्सेदारी इक्विटी की होती है। यह अप्रैल 2025 के 6.82 अरब डॉलर और मार्च 2026 में 3.58 अरब डॉलर बिलियन की तुलना में अप्रैल 2026 में बढ़कर 12.42 अरब डॉलर हो गया।

रिजर्व बैंक ने कहा कि अप्रैल 2026 के दौरान शुद्ध एफडीआई इसके पहले के साल की समान अवधि की तुलना में अधिक स्तर पर बना रहा। इसे उच्च सकल आवक और कम निकासी से समर्थन मिला। इक्विटी की आवक में  वित्तीय सेवाओं में सबसे ज्यादा धन आया, उसके बाद रिटेल और होलसेल ट्रेड, मैन्युफैक्चरिंग और कंप्यूटर सेवा का रहा। इन 4 क्षेत्रों की कुलआवक में हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से ज्यादा होती है।

रिजर्व बैंक कहा, ‘एफडीआई की आवक के स्रोत के अनुसार देखें तो 75 प्रतिशत से अधिक एफडीआई जापान, सिंगापुर और मॉरीशस से आया है।’

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First Published - June 22, 2026 | 10:29 PM IST

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