facebookmetapixel
Stock Market: लगातार दूसरे दिन बाजार लाल निशान में; सेंसेक्स 245 अंक टूटा, निफ्टी फिसलाबजट क्या होता है? आसान भाषा में समझिएमकर संक्रांति से पहले माघ मेले में आग का तांडव, 20 से ज्यादा टेंट खाक, राहत की बात- कोई हताहत नहींBMC चुनाव के लिए प्रशासन और मतदाता तैयार, 3.48 करोड़ वोटर तय करेंगे 15,931 उम्मीदवारों का भविष्यMutual Funds का दिसंबर में कैसा रहा पोर्टफोलियो? लार्ज से स्मॉल कैप तक देखें क्या खरीदा, क्या बेचाBudget Expectation: बजट में कैपेक्स 10-15% बढ़ने की संभावना, प्राइवेट सेक्टर अब भी सतर्कईरान की हालात चिंताजनक: भारत ने अपने नागरिकों को यात्रा नहीं करने की सलाह दीInfosys Q3FY26 Results: मुनाफा 2% घटकर ₹6,654 करोड़ पर आया, कंपनी ने रेवेन्यू गाइडेंस 3 से 3.5% तक बढ़ायानिवेशक कैसे बनाएं दमदार पोर्टफोलियो? एसेट एलोकेशन और री-बैलेंसिंग की समझ लें बारीकियांFY26 में 7.5–7.8% की रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था: डेलॉयट का अनुमान

टाटा से बिजली खरीदेगा गुजरात

Last Updated- December 12, 2022 | 12:16 AM IST

कोयले की कमी और बिजली संकट के बीच गुजरात ने आयातित कोयला आधारित टाटा की मुंद्रा अल्ट्रा मेगा पावर प्लांट (यूएमपीपी) से बिजली खरीदने का फैसला किया है। राज्य सरकार कंपनी से 4 सप्ताह तक 4.5 रुपये प्रति यूनिट के भाव बिजली खरीदेगी। यह दूसरा राज्य है, जो टाटा पावर मुंद्रा से बिजली खरीदने को सहमत हुआ है। इसके पहले पंजाब ने एक पखवाड़े के लिए 5.5 रुपये प्रति यूनिट के भाव बिजली खरीदने का समझौता किया था।
केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने हाल ही में आयातित कोयला आधारित इकाइयों को बिजली की वाणिज्यिक बिक्री की अनुमति दी थी। टाटा मुंद्रा इस समय शुल्क के बारे में स्पष्टता न होने के कारण किसी राज्य को बिजली नहीं बेच रही है।  मुंद्रा यूएमपीपी की क्षमता 4 गीगावॉट है, जिसने गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा से 2.26 रुपये प्रति यूनिट के भाव बिजली बेचने के लिए समझौता किया है। मुंद्रा इकाई का इन 5 राज्यों से लगातार टकराव होता है, जिन्होंने बिजली खरीद समझौता किया है। आयातित कोयले के दाम में बढ़ोतरी की वजह से मुआवजा राशि को लेकर यह तनातनी हो रही है।
बहरहाल घरेलू कोयले की कमी की वजह से गुजरात को 124 लाख यूनिट कम बिजली मिल रही है, जबकि उसकी रोजाना की मांग 2,110 लाख यूनिट (12 अक्टूबर को) है। पंजाब को 150 लाख यूनिट कम बिजली मिल रही है, जिसकी मांग 1,800 लाख यूनिट है।   2010 में इंडोनेशिया सरकार द्वारा कोयले की मानक कीमत में बढ़ोतरी की घोषणा करने के बाद भारत में कोयले के आयातित मूल्य में बढ़ोतरी हो गई। इंडोनेशिया से कोयले का आयात करने वाली अदाणी और टाटा ने केंद्रीय बिजली नियामक आयोग (सीईआरसी) से ईंधन की बढ़ी लागत पर मुआवजा शुल्क की अनुमति देने का आग्रह किया।

First Published - October 13, 2021 | 11:45 PM IST

संबंधित पोस्ट