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टाटा से बिजली खरीदेगा गुजरात

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Last Updated- December 12, 2022 | 12:16 AM IST

कोयले की कमी और बिजली संकट के बीच गुजरात ने आयातित कोयला आधारित टाटा की मुंद्रा अल्ट्रा मेगा पावर प्लांट (यूएमपीपी) से बिजली खरीदने का फैसला किया है। राज्य सरकार कंपनी से 4 सप्ताह तक 4.5 रुपये प्रति यूनिट के भाव बिजली खरीदेगी। यह दूसरा राज्य है, जो टाटा पावर मुंद्रा से बिजली खरीदने को सहमत हुआ है। इसके पहले पंजाब ने एक पखवाड़े के लिए 5.5 रुपये प्रति यूनिट के भाव बिजली खरीदने का समझौता किया था।
केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने हाल ही में आयातित कोयला आधारित इकाइयों को बिजली की वाणिज्यिक बिक्री की अनुमति दी थी। टाटा मुंद्रा इस समय शुल्क के बारे में स्पष्टता न होने के कारण किसी राज्य को बिजली नहीं बेच रही है।  मुंद्रा यूएमपीपी की क्षमता 4 गीगावॉट है, जिसने गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा से 2.26 रुपये प्रति यूनिट के भाव बिजली बेचने के लिए समझौता किया है। मुंद्रा इकाई का इन 5 राज्यों से लगातार टकराव होता है, जिन्होंने बिजली खरीद समझौता किया है। आयातित कोयले के दाम में बढ़ोतरी की वजह से मुआवजा राशि को लेकर यह तनातनी हो रही है।
बहरहाल घरेलू कोयले की कमी की वजह से गुजरात को 124 लाख यूनिट कम बिजली मिल रही है, जबकि उसकी रोजाना की मांग 2,110 लाख यूनिट (12 अक्टूबर को) है। पंजाब को 150 लाख यूनिट कम बिजली मिल रही है, जिसकी मांग 1,800 लाख यूनिट है।   2010 में इंडोनेशिया सरकार द्वारा कोयले की मानक कीमत में बढ़ोतरी की घोषणा करने के बाद भारत में कोयले के आयातित मूल्य में बढ़ोतरी हो गई। इंडोनेशिया से कोयले का आयात करने वाली अदाणी और टाटा ने केंद्रीय बिजली नियामक आयोग (सीईआरसी) से ईंधन की बढ़ी लागत पर मुआवजा शुल्क की अनुमति देने का आग्रह किया।

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First Published - October 13, 2021 | 11:45 PM IST

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