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एआई और 5जी में एरिक्सन का बड़ा निवेश, भारत बनेगा वैश्विक रणनीतिक बाजार

एरिक्सन भारत को अपने वैश्विक तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है, जिसमें 5जी, 6जी और एआई आधारित नेटवर्किंग पर जोर है।

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गुलवीन औलख   
Last Updated- March 02, 2026 | 7:36 AM IST

स्वीडन की दूरसंचार उपकरण विनिर्माता एरिक्सन साल 2025 में अपने देश में 1,600 कर्मचारियों को निकालने के बाद साल 2026 के दौरान दक्षता बढ़ाने और लागत कम करने के उपाय जारी रखेगी, जबकि नेटवर्किंग बाजार की यह अगुआ एआई और एआई-संचालित 5जी और 6जी कार्यक्रमों में खासा निवेश कर रही है। मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 से पहले बिज़नेस स्टैंडर्ड की गुलवीन औलख के साथ ईमेल के जरिये हुई खास बातचीत में कंपनी के अध्यक्ष और मुख्य कार्य अधिकारी बर्ये एकहोम ने कहा कि 21,500 कर्मचारियों और अनुसंधान एवं विकास (आरऐंडडी) के सबसे बड़े आधार के साथ भारत नवाचार तथा कंपनी के वैश्विक प्रौद्योगिकी विकास और उत्पाद रणनीति का केंद्र होगा। संपादित अंश …

कंपनी में कर्मचारियों की संख्या कम करने के पीछे क्या विचार था? क्या इस तरह के और कदम उठाने की योजना है?

मोबाइल नेटवर्क बाजार में अब भी कोई इजाफा नहीं दिख रहा है। महंगाई का दबाव जारी रहने के आसार हैं। इसका मतलब है कि दीर्घकालिक और स्थिर नेतृत्व में मदद करने के लिए हमें अपनी लागत पर काम करने की आवश्यकता है। परिचालन दक्षता बढ़ाने के कार्यक्रम साल 2026 के दौरान जारी रहेंगे लेकिन इसकी अलग से घोषणा नहीं की जाएगी।

भारत में एरिक्सन के स्थानीय विनिर्माण तथा अनुसंधान एवं विकास के निवेश में कैसे बढ़ोतरी हुई है और आप साल 2026 में भारत से कितनी राजस्व वृद्धि का अनुमान लगा रहे हैं?

भारत एरिक्सन के लिए रणनीतिक बाजार है और लगभग 21,500 पेशेवरों का हमारा सबसे बड़ा कार्यबल यहां है। पुणे की हमारी इकाई देसी बाजार के लिए 4जी और 5जी उपकरण बनाती है, जबकि चेन्नई, बेंगलूरु और गुरुग्राम में अनुसंधान एवं विकास केंद्र एआई संचालित 5जी, 6जी के शुरुआती अनुसंधान और उन्नत नेटवर्क प्रोग्रामेबिलिटी को बढ़ावा देते हैं। एआई और जिम्मेदार एआई के संबंध में आईआईटी मद्रास के साथ सहयोग, उद्योग की स्थानीय भागीदारी के साथ-साथ भारत को नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करता है, जो एरिक्सन के वैश्विक प्रौद्योगिकी विकास और उत्पाद रणनीति का संकेत है।

टैरिफ की अनिश्चितता और बाजार की मांग के बीच भारत से निर्यात को लेकर क्या नजरिया है?

एरिक्सन की तत्काल प्राथमिकता भारत में देशव्यापी 5जी शुरू करने में मदद करना है। इसमें घरेलू स्तर पर निर्मित उपकरण वर्तमान में भारतीय दूरसंचार परिचालकों की जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान दिया जा रहा है। पुणे की विनिर्माण इकाई ने देश भर में बड़े स्तर पर 5जी की तैनाती सक्षम करने में अहम भूमिका निभाई है।

अब जबकि एरिक्सन वोडाफोन आइडिया में शेयरधारक है, तो सरकार के एजीआर संबंधी फैसले के बाद आप भारतीय बाजार में कंपनी की स्थिति और प्रदर्शन को किस तरह देखते हैं?

हम परिचालकों या किसी विशिष्ट कंपनी के प्रदर्शन पर कोई टिप्पणी नहीं करते हैं। हम इतना जरूर कह सकते हैं कि स्वस्थ और स्थायी दूरसंचार बाजार की संरचना पूरे तंत्र के लिए महत्त्वपूर्ण होती है, क्योंकि यह दीर्घकालिक नेटवर्क निवेश, नवाचार और सेवा गुणवत्ता में मदद करती है। उस लिहाज से क्षेत्र के दायित्वों के संबंध में अधिक स्पष्टता और स्थिरता आम तौर पर बाजार के लिए रचनात्मक होती है।

क्या आपको दूरसंचार उपकरण कंपनियों के नेटवर्क के बारे में सोचने के तरीके में बदलाव दिख रहा, जिसमें जेनएआई और एजेंटिक एआई न केवल दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए, बल्कि उन उपभोक्ताओं और उद्यमों के लिए भी मुख्यधारा बन रही हैं, जो इन सेवाओं का उपयोग करते हैं?

एआई के औद्योगिकीकरण के अगले चरण में एआई को ऐप्लिकेशन और उपकरणों में तैनात करना होगा, जैसे भारी मात्रा में सेंसर, ड्रोन, ह्यूमनॉइड, एक्सआर ग्लास। उपयोग के ये नए मामले वितरित किए जाएंगे और उनके लिए वायरलेस कनेक्टिविटी की आवश्यकता होगी, लेकिन वे नेटवर्क पर नई तरह की मांग करेंगे, जिसके लिए बहुत अधिक अपलिंक क्षमता की जरूरत होगी। इसलिए वाईफाई और 4जी जैसी कनेक्टिविट के बेहतरीन प्रयास काफी नहीं होंगे। इसके बजाय एआई युग में नेटवर्क के लिए आधुनिक कनेक्टिविटी की आवश्यकता होगी यानी 5जी स्टैंडअलोन और बाद में 6जी।

एरिक्सन एआई-मूल वाले नेटवर्क पर आरऐंडडी के ज्यादा खर्च (साल 2025 में बिक्री का 21 प्रतिशत) का लाभ के साथ किस तरह तालमेल बैठा रही है और एरिक्सन ऑन-डिमांड जैसी शुरुआत से आप कितनी आरओई का अनुमान लगा रहे हैं?

तकनीकी नेतृत्व हमारी रणनीति का प्रमुख हिस्सा है। बेशक इसमें यह सुनिश्चित करना शामिल है कि हम 6जी और एआई के दौर में अग्रणी रहने के लिए रणनीतिक निवेश करते रहें। हम साल 2026 में दमदार वित्तीय स्थिति के साथ प्रवेश करने से खुश हैं, जिससे हम अपने तकनीकी नेतृत्व की स्थिति को सुरक्षित करने के लिए आरऐंडडी में जरूरी निवेश करते रहेंगे।

First Published : March 2, 2026 | 7:31 AM IST