facebookmetapixel
Advertisement
विकास के अगले चरण के लिए भूमि व कारोबारी माहौल में सुधार जरूरी: प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में सरकार के 100 दिन, एमजीआर की याद दिला रहे विजयपश्चिम बंगाल में कारोबार को बढ़ावा, नई सरकार के पहले 100 दिन में निवेश पर जोर1991 के आ​र्थिक सुधारों से उद्योग को मिला प्रतिस्पर्धा का भरोसा, औद्योगिक और व्यापार नीति में तालमेल बिठाना जरूरीऑफर फॉर सेल के जरिये जुटाई गई रकम में उफान, LIC का अहम योगदानQ1 Results: लिस्टेड कंपनियों के मुनाफे में 16% की तेज बढ़त, BFSI और मेटल सेक्टर का बड़ा योगदानRBI के फैसले से बैंकों में हलचल, FCNR(B) जमा जुटाने की रफ्तार बढ़ीबाजार हलचल: प्री-आईपीओ शेयर, नया SLB कॉन्ट्रैक्ट और UPI नियम पर नजरजुलाई में बायोकॉन बनी MF की पसंदीदा स्मॉल-कैप खरीद, ₹3,300 करोड़ का निवेशराजस्व और मार्जिन के मोर्चे पर अपोलो से आगे मैक्स, मरीजों की बढ़ती संख्या से ग्रोथ को सहारा

यूपी के इत्र कारोबारी को मिली बड़ी राहत

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 10:32 PM IST

उत्तर प्रदेश के कानपुर और कन्नौज में कर अपवंचन के मामले में पड़े छापों में मिली भारी तादाद में नकदी को लेकर इत्र कारोबारी पीयूष जैन को राहत मिली है।
डायरेक्ट्रेट जनरल आफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) ने छापों में मिली 177.45 करोड़ रुपये  नकदी को कारोबार के तौर पर दर्ज करते हुए अदालत में कागजात दाखिल किए हैं। डीजीजीआई टीम ने इत्र कारोबारी व शिखर गुटखा के मालिक पीयूष जैन के कानपुर व कन्नौज में घर व कार्यालय पर बीते सप्ताह छापेमारी की थी। छापों में जहां 177.45 करोड़ रुपये नकद मिले थे, वहीं 23 किलो सोना और करीब 600 लीटर चंदन का तेल बरामद किया गया था। छापों के बाद कारोबारी पीयूष जैन को गिरफ्तार किया गया था और वह इस समय कानपुर जेल में है।
अब इस नकदी को इत्र कारोबारी के टर्नओवर का हिस्सा बताया गया है। डीजीजीआई ने इस पर 31.50 करोड़ रुपये की करों की देनदारी और 19.5 करोड़ रुपये का दंड लगाया है। इस तरह से कुल 52 करोड़ रुपये इत्र कारोबारी को जमा करने को कहा गया था। जैन परिवार ने बीते रविवार को ही इस रकम को जमा भी कर दिया है। बरामद नकद को टर्नओवर में दर्ज करने के बाद इत्र कारोबारी को न केवल राहत मिल गई है बल्कि इस मामले में  वह आयकर के फंदे से बच गया है। डीजीजीआई ने बरामद नकदी को पीयूष जैन की दो फर्मों के टर्नओवर के तौर पर दिखाया है। हालांकि बरामद सोने को लेकर पीयूष जैन पर डायरेक्ट्रेट आफ रेवन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने बुधवार मुकदमा दर्ज किया। जैन पर डीआरआई ने कस्टम एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। डीआरआई इस मामले में सोने की तस्करी के एंगल से जांच करेगी।
गौरतलब है कि बीते सप्ताह इत्र व गुटखा कारोबारी पीयूष जैन के यहां छापों ने राजनैतिक रंग ले लिया है। जहां भाजपा उक्त कारोबारी को समाजवादी पार्टी से जुड़ा बता रही है वहीं अखिलेश यादव ने इससे इनकार किया है।  समाजवादी पार्टी ने साफ किया है कि समाजवादी इत्र उसकी पार्टी के विधान परिषद सदस्य व एक दूसरे कारोबारी पुष्पराज जैन ने लांच किया था और दोनो के बीच किसी तरह का संबंध नहीं है।

Advertisement
First Published - December 29, 2021 | 11:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement