facebookmetapixel
दुनिया भर में बढ़ रही भारतीय दवाओं की मांग, नाइजीरिया और ब्राजील बने नए बड़े ठिकानेMarket Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे Q3 नतीजे और ग्लोबल संकेतMCap: मार्केट में SBI और Infosys का जलवा, Reliance समेत कई कंपनियों की वैल्यू में गिरावटनेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति की कोशिश फिर फेल, बोर्ड मीटिंग क्वोरम पूरा न होने से रद्दत्योहारी रफ्तार से दौड़ा ऑटो सेक्टर, Q3FY26 में कमाई के नए रिकॉर्ड के संकेतFPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़DGCA ने IndiGo पर लगाया ₹22.2 करोड़ का जुर्माना, दिसंबर में हुई उड़ान बाधाओं को बताया जिम्मेदारDelhi Air Pollution: दिल्ली की हवा अब ‘सर्जिकल मास्क’ वाली! AQI 500 के करीब; GRAP IV लागूTrump Tariffs: ग्रीनलैंड पर ट्रंप का अल्टीमेटम, डेनमार्क को टैरिफ की खुली धमकीWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड का डबल अटैक; घना कोहरा, बारिश और बर्फबारी का अलर्ट

उत्तर प्रदेश: चित्रकूट मेले में बिके 9,000 गधे

Last Updated- December 11, 2022 | 11:42 PM IST

बीते दो सालों से कोरोना महामारी की भेंट चढ़ा उत्तर प्रदेश के चित्रकूट का गधों का मेला इस बार फिर से गुलजार हुआ। देश विदेश के गधे बिकने को आए तो करीब 20 करोड़ रुपये का कारोबार भी हुआ। मेले में सबसे महंगी दीपिका नाम की गधी बिकी जिसकी कीमत सवा लाख रुपये लगाई गई।
औरंगजेब के जमाने से चित्रकूट में लगते आ रहे गधों के मेले में इस बार दीपावली के मौके पर देस के अलग-अलग हिस्सों से 15,000 से ज्यादा गधे बिकने के लिए आए। नेपाल और बंगलादेश तक के गधे इस बार मेले की रौनक बने। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के व्यापारी गधे बेचने के लिए पहुंचे। चित्रकूट के मंदाकिनी नदी के तट पर लगने वाले इस पांच दिन के मेले में लगभग 9,000 गधे इस बार बिके। हालांकि मेला आयोजकों का कहना है कि यह कोरोना से पहले के मुकाबले में तो नहीं है पर दो साल की बंदी के बाद हालात में काफी सुधार आया है। इस बार गधों और खच्चरों की आमद तो पहले के जैसी ही हुई है और खरीदार भी खासी तादाद में पहुंचे हैं। हालांकि कीमतें ज्यादा होने के चलते बिक्री अपेक्षा के मुताबिक नहीं हो सकी है।
चित्रकूट में गधों के मेले की शुरुआत मुगल बादशाह औरंगजेब के जमाने में हुई थी जब यहां से सेना के लिए गधों और खच्चरों की खरीद की गई थी। वर्तमान में मंदाकिनी के तट पर सतना जिला पंचायत की ओर से मेले का आयोजन किया जाता है।

First Published - November 8, 2021 | 11:11 PM IST

संबंधित पोस्ट