भारत की शिक्षा व्यवस्था को नौकरशाही में फेरबदल नहीं, प्रणालीगत सुधारों की जरूरत
नरेंद्र मोदी सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं के बीच सीधी बातचीत हुई, सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है और प्रदर्शनकारियों को मनाने के लिए नाटकीय कदम उठाते हुए गुरुवार देर रात उच्च शिक्षा सचिव को पद से हटा दिया गया। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहते थे […]
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भारत के 20 करोड़ मिडिल क्लास उपभोक्ता बनेंगे बाजार की नई ताकत, कंपनियां बदल रही हैं रणनीति
भारत के शीर्ष 100 शहरों में आमदनी, खपत और बचत के मामले में सबसे संपन्न 3.5 से 5 करोड़ उपभोक्ताओं पर अब तक कंपनी और मार्केटिंग जगत का सबसे अधिक ध्यान रहा है। आर्थिक मंदी या दिक्कतों के बीच भी खरीदने की उनकी क्षमता बनी रहती है, जिसका उदाहरण कोविड-19 महामारी के बाद अंग्रेजी के […]
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Editorial: ट्रंप के नए टैरिफ से बढ़ी अनिश्चितता, क्या भारत की व्यापार नीति तैयार है?
अमेरिकी प्रशासन ने शुक्रवार को जब अपने लगभग सभी कारोबारी साझेदार देशों के विरुद्ध व्यापार अधिनियम 1974 के सेक्शन 301 के तहत शुल्क लगाए तो किसी को आश्चर्य नहीं हुआ। नए शुल्क सेक्शन 122 के तहत लगाए गए शुल्क की जगह आए हैं। इस सेक्शन में अधिकतम 150 दिनों के लिए शुल्क लगाए जा सकते […]
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1991 के ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों के 35 साल पूरे, क्या बदला और आगे की क्या बदलने की जरूरत है
पैंतीस वर्ष पहले तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने अपना पहला केंद्रीय बजट पेश किया था। वह स्वतंत्र भारत का शायद सर्वाधिक परिणामोन्मुखी बजट था। उसके बाद हुए आर्थिक सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को आंतरिक और बाहरी प्रतिस्पर्धा के लिए खोल दिया। तब से अब तक सभी सरकारों ने मोटे तौर पर आर्थिक वृद्धि के […]
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