Editorial: डेरिवेटिव ट्रेडिंग में घट रही खुदरा भागीदारी, फिर भी छोटे निवेशकों का नुकसान बढ़ा
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा पिछले सप्ताह जारी नई रिपोर्टों में यह बात सामने आई कि 2025-26 में एक दशक में पहली बार इक्विटी डेरिवेटिव्स खंड में खुदरा भागीदारी घटी। पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों की संख्या लगभग 18 प्रतिशत घटकर 87.5 लाख रह गई, जबकि 10,000 रुपये तक सालाना कारोबार वाले […]
आगे पढ़े
खाद्य तेलों का आयात बढ़ा, आत्मनिर्भरता की राह में तकनीक नहीं नीतियां बन रहीं बाधा
वनस्पति तेल उद्योग के आकलन के अनुसार चालू तेल वर्ष (नवंबर से अक्टूबर) में करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये तक के खाद्य तेलों का आयात हो सकता है। तेल आयात पर इतना खर्च कभी नहीं हुआ और पिछले साल के 1.61 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड से भी यह करीब 9 प्रतिशत ज्यादा रहेगा। आयात […]
आगे पढ़े
पाकिस्तान में मुनीर की बढ़ती ताकत: नए कानूनों के पीछे डर और सत्ता बचाने की कोशिश?
तमाम तानाशाह सनक और आशंका में इसलिए जीते हैं क्योंकि उनके पास रिटायरमेंट को कोई योजना कभी नहीं हो सकती। आज भले ही वे सबकी तकदीर तय कर रहे हों, लेकिन सत्ता चली गई तो वे अपनी तकदीर भी तय नहीं कर सकते। यही वजह है कि पाकिस्तानी तानाशाहों में कभी न कभी इस तरह […]
आगे पढ़े
Editorial: पेपर लीक से आगे भी समस्या, सीटों और नौकरियों की कमी बड़ी चुनौती
परीक्षा प्रश्नपत्रों में अनियमितताओं को लेकर दिल्ली और झारखंड में विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शनों से भारत की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की खामियां उजागर हुई हैं। केंद्रीय या राज्य स्तरीय परीक्षा देने वाले छात्रों और नौकरी के इच्छुक लोगों की ओर से जवाबदेही की बढ़ती मांग कई संस्थागत विफलताओं को दर्शाती है। झारखंड सरकार द्वारा 2014 […]
आगे पढ़े