कमजोर रुपया हमेशा बुरा नहीं, जानें कैसे बढ़ा सकता है निर्यात और आर्थिक वृद्धि?
मिल्टन फ्राइडमैन ने आर्थिक बहसों के बारे में एक बार बहुत काम की बात कही थी। अलग–अलग वैचारिक नजरिये वाले अर्थशास्त्रियों को एक कमरे में रख दीजिए और गैर अर्थशास्त्रियों को दूसरे कमरे में। दोनों समूहों से आर्थिक नीति पर चर्चा करने को कहिए। अधिकतर मुद्दों पर अर्थशास्त्री एक दूसरे से इतना असहमत नहीं होंगे, […]
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भारत के नियामकों पर अंदरूनी कब्जा, बेहतर शासन व्यवस्था की जरूरत
वर्ष 1991 के बाद आर्थिक नीति की रणनीति ने राज्य और बाजार के बीच रिश्ते को नया रूप देने का प्रयास किया। केंद्रीय नियोजन, राज्य के नियंत्रण और अक्सर राज्य के स्वामित्व से हम उस दिशा में बढ़े हैं, जहां उत्पादन में निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी है और राज्य की नियामकीय भूमिका है। इस […]
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Editorial: डब्ल्यूटीओ की डिजिटल व्यापार पर सीमा शुल्क रोक खत्म, जानें क्या हो भारत की अगली रणनीति?
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के अंतर्गत एक अंतरिम व्यवस्था के कारण लगभग तीन दशक तक सॉफ्टवेयर, क्लाउड आधारित सेवाओं और डिजिटल सामग्री आदि का व्यापार सीमा शुल्क के बगैर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होता रहा। सबसे पहले 1998 में अपनाई गई और फिर 11 बार बढ़ाई गई यह रोक अब खत्म हो गई है क्योंकि कैमरून […]
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आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के अकल्पनीय विकास से उभरा नया वाणिज्यिक राष्ट्रवाद और सुरक्षा का खतरा
हमारे जीते-जी शायद ही कोई तकनीक इतनी तेजी से आगे बढ़ी हो, जितनी तेजी से आज आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) बढ़ रही है। ओपनएआई का चैटजीपीटी 2023 की शुरुआत में जब पहली बार लोगों के सामने आया था तब पहले के टेक्स्ट चैटबॉट्स की तुलना में इसे बहुत आगे माना गया। मगर केवल तीन वर्ष में […]
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