जनधन और UPI से तो बढ़ा वित्तीय समावेशन, लेकिन शेयर बाजार व म्यूचुअल फंड की समझ में अभी भी देश पीछे
हाल में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6), 2023-24 में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण से संबंधित उत्साहजनक खबर सामने आई है। एनएफएचएस -5 (2019-21) और एनएफएचएस -6 के दरमियान चार वर्षों में काम करने वाली और नकद वेतन पाने वाली महिलाओं की हिस्सेदारी राष्ट्रीय स्तर पर 5 फीसदी अंक से अधिक बढ़कर 30.8 फीसदी हो […]
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Editorial: बैटरी अपशिष्ट नियमों से बढ़ सकती हैं EV की कीमतें, सायम की चिंता जायज
बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2022 बैटरी उत्पादकों (और आयातकों) को यह जिम्मेदारी सौंपता है कि वे पुरानी पड़ चुकी बैटरियों को एकत्रित करें, उनका पुनर्चक्रण अथवा नवीनीकरण सुनिश्चित करें और नई बैटरियों में पुन: प्राप्त सामग्रियों के उपयोग को प्रोत्साहित करें। हालांकि सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स (सायम) ने हाल ही में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण […]
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उदारीकरण के 35 साल बाद भी विनिर्माण में पिछड़ा भारत, स्थापित घरानों के बजाय स्टार्टअप्स पर दें ध्यान
उदारीकरण का वादा और विनिर्माण की चुनौती विनिर्माण नीति में नई स्टार्टअप और तकनीकी वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। बता रहे हैं नितिन देसाई लगभग 35 वर्ष पहले वर्ष 1991 में तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने एक ऐसा बजट पेश किया था जिसने औद्योगिक लाइसेंसिंग का अंत करते हुए ‘उदारीकरण’ […]
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Editorial: QCO नियमों में ढील पर्याप्त नहीं, गुणवत्ता ढांचे की व्यापक समीक्षा जरूरी
केंद्र सरकार का संक्रमण सुविधा (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2026 को लागू करने का निर्णय अप्रत्यक्ष रूप से यह दिखाता है कि भारत का गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) ढांचा व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं विशेषकर विनिर्माण क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। नया ढांचा खिलौने, जूते, एयर-कंडीशनर, फर्नीचर और वॉशिंग मशीन जैसे क्षेत्रों के निर्माताओं को पारंपरिक […]
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