मारुति सुजूकी इंडिया ने पांच स्टार्टअप के साथ साझेदारी की है। इसका उद्देश्य परिचालन दक्षता और ग्राहक अनुभव बेहतर बनाने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों की पुरानी बैटरियों की रीसाइक्लिंग के लिए समाधान विकसित करना है। मारुति सुजूकी ने आज यह जानकारी दी।
मारुति सुजूकी इनक्यूबेशन प्रोग्राम (एमएसआईपी) के पांचवें समूह के तहत चुनी गई ये पांच स्टार्टअप कंपनिया हैं – मिनीमाइन्स, ईजीवर्क एआई, सर्वम एआई, सिफ्टली और कोडमेट एआई। यह इनक्यूबेशन कार्यक्रम आईआईएम बैंगलोर के स्टार्टअप सपोर्ट सेंटर – एनएसआरसीईएल के साथ साझेदारी में चलाया जाता है।
मारुति ने बताया कि मिनीमाइन्स अपनी आयु पूरी कर चुकी लीथियम-आयन बैटरियों की रीसाइक्लिंग और उनसे मूल्यवान सामग्री हासिल करने के लिए पर्यावरण अनुकूल समाधान विकसित करेगी। ईजीवर्क एआई एजेंटिक एआई का इस्तेमाल करते हुए परोक्ष खपत वाली सामग्रियों या गैर-उत्पादन वाली वस्तुओं जैसे ऑफिसों को सप्लाई, रखरखाव सामग्री और सुरक्षा उपकरणों के लिए खरीद की कार्यसूची का स्वचालन करेगी। इंसान के सीमित दखल से काम करने में सक्षम आर्टिफिशल इंटेलिजेंस प्रणाली एजेंटिक एआई होती है।
सर्वम एआई विभिन्न टचपॉइंट पर ग्राहकों के साथ बातचीत बेहतर बनाने के लिए बहुभाषी समर्थन वाली जनरेटिव आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (जेनएआई) की तैनाती करेगी। जेनएआई एक ऐसी तकनीक होती है जो टेक्स्ट, चित्र या अन्य सामग्री बनाती है। सिफ्टली ब्रांड दृश्यता बढ़ाने के लिए जेनएआई का इस्तेमाल करेगी, जबकि कोडमेट एआई मारुति सुजूकी की कारोबारी प्रक्रियाओं में उपयोग किए जाने वाली सॉफ्टवेयर ऐप्लिकेशन के विकास को रफ्तार देने में मदद करेगी।
मारुति सुजूकी इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा, ‘मारुति सुजुकी में हम असल कारोबारी चुनौतियों से निपटने के लिए नवीन और व्यावहारिक समाधानों को साथ-साथ निर्मित करने के लिए स्टार्टअप के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। पांच और स्टार्टअप के साथ सहयोग करने से हमें खुशी हो रही है।’