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EPF से पैसा निकालना अब पहले से आसान! सरकार ने लागू की नई योजना

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नई EPF योजना 2026 लागू हो गई है। निकासी के नियम आसान हुए हैं और डिजिटल अनुपालन को भी मजबूत बनाया गया है

Last Updated- July 02, 2026 | 8:38 AM IST
EPFO

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 की जगह नई योजना लागू हो गई है। नई व्यवस्था का उद्देश्य ईपीएफ निकासी के नियमों को आसान बनाना, डिजिटल अनुपालन की प्रक्रिया को मजबूत करना और ईपीएफ ट्रस्टों की निगरानी को मजबूत करना है।

नई योजना में कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए 12-12 प्रतिशत वेतन का अनिवार्य अंशदान पहले की तरह ही बरकरार रहेगा। हालांकि, जिन संस्थानों के लिए पहले से 10 प्रतिशत अंशदान का प्रावधान है, उनके लिए यह व्यवस्था जारी रहेगी।

नई योजना के तहत कर्मचारियों के लिए आंशिक निकासी के नियम आसान कर दिए गए हैं। पहले अलग-अलग उद्देश्यों के लिए अलग प्रावधान थे लेकिन अब निकासी को तीन मुख्य श्रेणियों में रखा गया है। इनमें किसी बीमारी वाली स्थिति में, शिक्षा के मकसद से और विवाह, आवास तथा विशेष परिस्थितियों में पूंजी निकासी का प्रावधान शामिल हैं। निर्धारित शर्तों के तहत कर्मचारी इन श्रेणियों में अपने पात्र बैलेंस फंड का 100 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे। हालांकि, खाते में कुल जमा अंशदान का कम से कम 25 प्रतिशत शेष रखना अनिवार्य होगा।

ईवाई इंडिया में लोगों को परामर्श देने वाली सेवाओं के अधिकारी पुनीत गुप्ता ने कहा, ‘नई ईपीएफ योजना, 2026 श्रम संहिताओं को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना तत्काल प्रभाव से लागू होगी और इससे ईपीएफ व्यवस्था अधिक डिजिटल स्वरूप में, सरल और पारदर्शी बनेगी। साथ ही कर्मचारियों और नियोक्ताओं, दोनों के लिए अनुपालन के नियम मजबूत होंगे।’

नई व्यवस्था के तहत ईपीएफ से जुड़े सभी लेनदेन के लिए कर्मचारियों को आधार, पैन और आधार से जुड़े बैंक खाते का विवरण देना होगा। नई योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि महामारी, संक्रामक बीमारी या राष्ट्रीय आपदा जैसी स्थिति में केंद्र सरकार अधिकतम तीन महीने के लिए कर्मचारियों और नियोक्ताओं के ईपीएफ अंशदान को कम या स्थगित कर सकती है।

पुनीत गुप्ता ने कहा कि नई व्यवस्था से कर्मचारी बीमारी, शिक्षा, विवाह, आवास और अन्य निर्धारित विशेष परिस्थितियों में पहले की तुलना में अधिक सरल नियमों के तहत आंशिक निकासी कर सकेंगे हालांकि उन्हें न्यूनतम राशि की शर्तों का पालन करना होगा। वहीं, कंपनियों के लिए नई योजना में ठेकेदारों के अनुपालन, स्वामित्व संबंधी जानकारी, इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग और ईपीएफ ट्रस्टों की रिपोर्टिंग से जुड़े नियमों को और सख्त किया गया है।

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First Published - July 2, 2026 | 8:38 AM IST

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