व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने वालों के बीच यूजरनेम आरक्षित करने की होड़ के बीच कारोबारों का कहना है कि यह फीचर ग्राहकों के साथ उनके संपर्क और संवाद के तौर तरीकों में अधिक बदलाव नहीं लाएगा। डायरेक्ट टु कस्टमर और लॉजिस्टिक क्षेत्र की कंपनियों के अधिकारियों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि व्हाट्सऐप यूजरनेम की शुरुआत से ग्राहकों के साथ उनके संपर्क के तौर तरीकों में कोई बदलाव नहीं आएगा। कई लोगों ने कहा कि कारोबार और डिलिवरी के क्षेत्र में अभी भी फोन नंबर ही प्रमुख रहेंगे।
गुरुग्राम के फ्रेश कॉमर्स प्लेटफॉर्म सत्वकार्ट के संस्थापक राहुल सक्सेना ने कहा कि इस फीचर का अधिक प्रभाव नहीं होगा क्योंकि कारोबार अभी भी ऑर्डर पूरा करने और आपूर्ति के समन्वय को लेकर ग्राहकों के फोन नंबर पर ही निर्भर रहेंगे। सक्सेना ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इससे कारोबार के क्षेत्र में कोई बदलाव आएगा। बहरहाल, ग्राहकों से संपर्क के लिए (मसलन घर पर आपूर्ति के लिए) हमें उनका फोन नंबर चाहिए। अगर व्हाट्सऐप पर संपर्क नहीं होगा तो एसएमएस पर होगा।’
उन्होंने यह भी कहा कि व्हाट्सऐप पर प्रचार करने वाले संदेश पहले से ही मेटा की पाबंदियों के कारण कम प्रभावी हो गए हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर आप 2,000 संदेश भेजते हैं, तो मुश्किल से 5 प्रतिशत संदेश ही ग्राहक तक पहुंचते हैं। कई मार्केटिंग संदेश या तो ब्लॉक कर दिए जाते हैं या स्पैम के रूप में चिह्नित हो जाते हैं।’
क्विक कॉमर्स लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप जिपी के संस्थापक माधव कस्तूरिया ने भी इस विचार का समर्थन किया और कहा कि कंपनी व्हाट्सऐप बिज़नेस का उपयोग मुख्यतः लेन-देन संबंधी अपडेट जैसे आपूर्ति की स्थिति, संचालन सूचना और ग्राहक सूचनाओं के लिए करती है।
उन्होंने कहा, ‘हम फोन नंबरों के माध्यम से संदेश भेज और प्रसारित कर रहे हैं। हमारे लिए अभी यह कोई बड़ा बदलाव नहीं है क्योंकि हमारे पास पहले से ही फोन नंबर या यूजरनेम होते हैं, चाहे जो भी मामला हो, इससे ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता।’ ग्राहक की जानकारी उन्हें सीधे उपभोक्ता प्लेटफॉर्म से मिलती है जहां से ऑर्डर आते हैं। कस्तूरिया ने कहा कि ब्रांड हमेशा ग्राहकों के व्यक्तिगत पहचान डेटा को अपने पास रखते हैं और उसे बहुत महत्त्व देते हैं। उन्होंने कहा कि व्हाट्सऐप केवल संवाद का माध्यम है, यह मूल ग्राहक डेटा का विकल्प नहीं है।
सिग्नल और टेलीग्राम जैसे मंच पहले से ही फोन नंबर की जगह यूजरनेम का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। व्हाट्सऐप इस फीचर पर कुछ वर्षों से काम कर रहा है और 2024 की शुरुआत में इसे आरंभ करने की योजना की घोषणा की थी। यह एक वैकल्पिक फीचर है। जो लोग यूजरनेम का उपयोग नहीं करना चाहते वे अपने मोबाइल नंबर के साथ इसका प्रयोग जारी रख सकते हैं। इस बीच एक व्हाट्सऐप प्रवक्ता ने कहा कि फिलहाल ध्यान व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के लिए यूजरनेम लागू करने पर है न कि व्यवसायों के लिए क्योंकि व्यवसाय पहले से ही अपने नाम साझा करते हैं जिन्हें व्हाट्सऐप द्वारा सत्यापित किया जाता है।
कंपनी का मानना है कि छोटे व्यवसाय और संगठन अब यदि चाहें तो ऑनलाइन एक सुसंगत उपस्थिति बनाए रख सकते हैं। उनके लिए व्हाट्सऐप ने यह विकल्प रखा है कि वे अपने मौजूदा इंस्टाग्राम या फेसबुक यूजरनेम को व्हाट्सऐप पर इस्तेमाल कर सकें।
न्यूटन-रेक्स ने कहा, ‘मैं खुद जानती हूं कि यह कितना निराशाजनक हो सकता है जब आप किसी व्यवसाय से जुड़ने की कोशिश कर रहे हों और आपको उनकी दुकान की खिड़की से जल्दी-जल्दी फोन नंबर लिखना पड़े, या जब आप इसे किसी विज्ञापन पर देखते हैं। हमें लगता है कि यह उन व्यवसायों के लिए काफी बेहतर होगा जो इसके बजाय यूजरनेम देना चाहते हैं।’
इस बीच व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। किको लाइव के संस्थापक आलोक चावला ने यूजरनेम की ओर बदलाव से जुड़े संभावित जोखिमों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अगर गलत इरादे वाले लोग प्रसिद्ध ब्रांडों या व्यवसायों से मिलते जुलते यूजरनेम बना लें तो इसका दुरुपयोग हो सकता है। जब तक व्हाट्सऐप मजबूत सत्यापन तंत्र नहीं बनाता और असली व्यवसाय खातों को स्पष्ट रूप से अलग नहीं करता तब तक उपयोगकर्ताओं के लिए वास्तविक ब्रांडों की पहचान करना कठिन हो सकता है जिससे फ़िशिंग और धोखाधड़ी के प्रयास बढ़ सकते हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक व्यक्तिगत पहचानकर्ताओं जैसे फोन नंबरों के बजाय यूजरनेम के माध्यम से जुड़ने की अनुमति देने से व्यवसायों से आने वाले स्पैम कम हो सकते हैं और डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर भी रोक लग सकती है।
इस प्लेटफॉर्म के मुताबिक जब कोई व्हाट्सऐप उपयोगकर्ता यूजरनेम का इस्तेमाल शुरु करता है तो प्राप्तकर्ता पहली बार संपर्क करने पर उपयोगकर्ता का फोन नंबर नहीं देख पाएगा। यानी व्यावसायिक लेन-देन पूरा होने के बाद अन्य चैनलों जैसे कॉल या एसएमएस पर उपयोगकर्ताओं से संपर्क करने की संभावना कम होगी क्योंकि फोन नंबर छिपे रहेंगे।