Editorial: 1991 के आर्थिक सुधारों के 35 साल, अब भारत को सुधारों की दूसरी बड़ी लहर की जरूरत
पैंतीस वर्ष पहले आज ही के दिन जो घटित हुआ वह वास्तव में ऐतिहासिक था। उस समय भारतीय अर्थव्यवस्था राजकोषीय अनुशासनहीनता और अभूतपूर्व भुगतान संतुलन संकट की दोहरी चुनौतियों से जूझ रही थी। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार बेहद कम हो गए थे और देश के पास मुश्किल से पंद्रह दिन का आयात करने लायक […]
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चलती ट्रेन में आधी रात की गिरफ्तारी से खुला 16 करोड़ का बैंक घोटाला, इनसाइडर फ्रॉड बना नई चुनौती
आधी रात बीत चुकी थी। अहमदाबाद से दिल्ली जा रही आश्रम एक्सप्रेस, अंधेरे मैदानों को पार करते हुए उत्तर की ओर बढ़ रही थी। वातानुकूलित डिब्बों में सन्नाटा पसरा था और अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चार अधिकारी चुपचाप एक-एक कोच में आगे बढ़ रहे थे। उनका लक्ष्य […]
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क्या भारत नवाचार कर सकता है? सबसे बड़ी कंपनियों से शुरू होती है इनोवेशन की खाई
इस समय भारत को लेकर एक निराशाजनक माहौल बनाया जा रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह जताई जा रही है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) की दौड़ में भारत पीछे छूट रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि जिन कंपनियों का कारोबार कुशल कर्मचारियों के काम के घंटों के आधार पर चलता है, उन […]
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Editorial: निवेश आकर्षित करने की दौड़ में राज्यों के सामने सुधार की बड़ी चुनौती
नीति आयोग ने पिछले सप्ताह अपना पहला निवेश अनुकूलता सूचकांक (आईएफआई), 2026 जारी किया। इसमें बुनियादी ढांचे, कारोबारी माहौल, संसाधन, सरकारी नीति, नियामक सुगमता, संस्थागत वातावरण, वित्तीय स्वास्थ्य और पर्यावरणीय लचीलापन सहित आठ स्तंभों में 84 संकेतकों के व्यापक ढांचे के माध्यम से राज्य-स्तरीय निवेश पारिस्थितिकी तंत्र की समग्र गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया है। […]
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