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चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का सपना टूटा! डॉलर के आधार पर ब्रिटेन ने भारत को छोड़ा पीछे, छठे स्थान पर धकेलारबी की अच्छी फसल के बाद भी कृषि विकास दर में गिरावट, वित्त वर्ष 26 में GVA घटकर 3% रहने का अनुमानसरकार का E-20 के बाद अब E-25 का लक्ष्य, तरुण कपूर बोले: ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए यह जरूरीUP-बिहार में तेजी से घटी प्रजनन दर, बाल विवाह में कमी और बालिका शिक्षा से सुधरे हालात: NFHS 6NRI और OCI के लिए RBI का बड़ा फैसला, बिना SEBI रजिस्ट्रेशन के शेयरों में कर सकेंगे ज्यादा निवेशरूस ने भारत को पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर ‘सुखोई Su-57’ देने की पेशकश की, संयुक्त उत्पादन का भी सुझावPM मोदी से मिले एयरट्रंक के CEO रॉबिन खुदा, भारत में 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी कंपनीबजट अनुमान से ज्यादा बढ़ा देश का कर्ज-जीडीपी अनुपात, 2031 तक 50% के लक्ष्य तक पहुंचना हुआ और कठिनवित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 7.8% रही GDP ग्रोथ रेट, राजकोषीय घाटा 4.4% पर थामने में मिली कामयाबीपश्चिम एशिया संकट के बीच RBI व सरकार का बड़ा दांव, भारत में आ सकते हैं 50 अरब डॉलर तक के विदेशी निवेश

Page 18: लेख

Dharmendra Pradhan
आज का अखबार

परीक्षा विवादों के चक्रव्यूह में घिरे धर्मेंद्र प्रधान, मुश्किलों से नहीं छूट रहा पीछा

आदिति फडणीस -June 6, 2026 1:37 AM IST

शिक्षा मंत्रालय अपने आप में किसी विशाल साम्राज्य से कम नहीं है। स्वायत्त कहलाने वाला केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) शिक्षा मंत्रालय की निगरानी में काम करता है। सीबीएसई के तहत 26 देशों में 25,000 से अधिक स्कूल और 40 लाख छात्र (कक्षा 10वीं और 12वीं) आते हैं। उच्च शिक्षा विभाग 57 केंद्रीय विश्वविद्यालयों, कुल […]

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US President Donald Trump
आज का अखबार

Editorial: ट्रंप टैरिफ के एक साल पूरे, अमेरिकी दावों की खुली पोल

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से संबद्ध एक प्रकाशन के लेख में अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने तर्क दिया है कि अर्थशास्त्रियों को व्यापार नीति के एक साधन के रूप में टैरिफ के प्रति तिरस्कार की भावना पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। अमेरिका का अपने अधिकांश बड़े व्यापारिक साझेदारों के साथ अनवरत व्यापार घाटा […]

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WORLD
आज का अखबार

वैश्विक व्यवस्था में बढ़ा सौदेबाजी का चलन, क्या भारत बनेगा नई उम्मीद

श्याम सरन -June 6, 2026 1:28 AM IST

वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ राष्ट्रों की विदेश नीति से जुड़े व्यवहार को सौदेबाजी की तरह देखते हैं। यह सौदेबाजी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अस्तित्व में आई नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय वैश्विक व्यवस्था की साख में सेंध लगने का सबूत माना जा रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तैयार अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में […]

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आज का अखबार

Editorial: क्रेडिट स्कोर से परे, भारत के खुदरा ऋण बाजार में बड़ा बदलाव

बीएस संपादकीय -June 4, 2026 11:38 PM IST

इस समाचार पत्र में प्रकाशित खबरों के मुताबिक भारत का खुदरा ऋण बाजार महामारी के पश्चात एक महत्त्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ट्रांसयूनियन क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड (सिबिल) द्वारा उद्धृत आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में कुल ऋण बाजार में पहली बार कर्ज लेने वालों की हिस्सेदारी लगातार घट रही […]

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