देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट (SBI Funds Management) प्राइवेट कंपनियों के लिए अपना पहला टेक्नोलॉजी-फोक्स्ड फंड लॉन्च करने की योजना बना रही है। समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने यह जानकारी दी। रिपोर्ट में एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कंपनी तेजी से बढ़ रहे अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड (AIFs) कारोबार में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 20 करोड़ डॉलर के इस फंड को बेंगलुरु स्थित वेंचर कैपिटल फर्म 3one4 Capital Management LLP के साथ मिलकर को-स्पॉन्सर किया जाएगा। हालांकि, इस मामले की जानकारी सार्वजनिक नहीं होने के कारण सूत्रों ने अपनी पहचान उजागर नहीं की।
दोनों कंपनियां इस फंड को लॉन्च करने से पहले भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) से नियामकीय मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। इस मामले पर एसबीआई फंड्स ने ईमेल के जरिए भेजे गए ब्लूमबर्ग के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया, जबकि 3one4 कैपिटल ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
Also Read: Axis AMC ने खरीदा Axis Securities का PMS बिजनेस, AUM बढ़कर ₹15,000 करोड़
भारत का करीब 175 अरब डॉलर का अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड (AIF) उद्योग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। इसकी मुख्य वजह बेहतर रिटर्न की तलाश में अल्ट्रा हाई नेटवर्थ (UHNI) निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी है। एसबीआई फंड्स की प्रतिद्वंद्वी कंपनियां, जैसे आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट और एक्सिस एसेट मैनेजमेंट, भी अपने पारंपरिक म्युचुअल फंड कारोबार के साथ-साथ अल्टरनेट्स बिजनेस का तेजी से विस्तार कर चुकी हैं।
गुरुवार (23 जुलाई, 2026) को ही, एक्सिस एसेट मैनेजमेंट कंपनी (Axis AMC) ने एक्सिस सिक्योरिटीज (Axis Securities) के पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) बिजनेस का अधिग्रहण कर लिया है। यह कदम उसके ‘अल्टरनेटिव्स प्लेटफॉर्म’ को बढ़ाने और तेजी से बढ़ रहे हाई-नेट-वर्थ (HNI) और अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ (UHNI) इन्वेस्टर सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस अधिग्रहण के बाद, यह बिजनेस ‘Alternates by Axis AMC’ ब्रांड के तहत काम करेगा और एसेट मैनेजर के प्लेटफॉर्म पर 2,500 से ज्यादा निवेशक जुड़ेंगे। निवेशकों की संख्या के लिहाज से यह भारत के सबसे बड़े PMS अधिग्रहणों में से एक है। इस अधिग्रहण के बाद एक्सिस एएमसी का PMS एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर लगभग 15,000 करोड़ रुपये हो जाएगा।
एसबीआई फंड्स के सीईओ देबाशीष मिश्रा ने मंगलवार (21 जुलाई) को कंपनी की लिस्टिंग समारोह के दौरान संवाददाताओं से कहा कि कंपनी अल्टरनेट्स सेगमेंट में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में तेज वृद्धि की संभावनाओं को देखते हुए कंपनी इस कारोबार का विस्तार करना चाहती है।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का 9,812.91 करोड़ रुपये का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था। इश्यू 14 जुलाई से 16 जुलाई तक खुला था। कंपनी ने 574 रुपये प्रति शेयर का अंतिम इश्यू प्राइस तय किया था।
मंगलवार को NSE पर शेयर 613.30 रुपये पर लिस्ट हुआ, यानी निवेशकों को 39.30 रुपये या 6.85 फीसदी का लिस्टिंग गेन मिला। वहीं BSE पर इसकी शुरुआत 610 रुपये पर हुई, जो इश्यू प्राइस से 36 रुपये या 6.27 फीसदी ज्यादा थी।