आर्थिक अनुमानों में विरोधाभास! क्या वाकई सुरक्षित है भारत का ‘मिडिल क्लास’ और घरेलू बजट?
पश्चिम एशिया के संघर्ष और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के मोर्चे पर अनिश्चितता के बावजूद, नीति-निर्माता यह स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि घरेलू खपत इस उथल-पुथल के बीच हमारी सबसे बड़ी मजबूत कड़ी बनेगी। शेयर बाजार चढ़ता और गिरता रहा है और इसको लेकर एक कथ्य यह है कि ये केवल अस्थायी झटके हैं […]
आगे पढ़े
Editorial: राजकोषीय घाटा 5% तक पहुंचने की आशंका, पटरी से उतर सकता है देश का बजट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन और सोने सहित कई वस्तुओं की खपत कम करने की अपील की है जिसके चलते देश में एक दिलचस्प बहस आरंभ हो गई है। प्रधानमंत्री की इस अपील के पीछे इरादा यह है कि आयातित वस्तुओं पर निर्भरता कम की जाए और विदेशी मुद्रा बचाई जाए। कच्चे तेल की कीमतों […]
आगे पढ़े
RBI की नीतियों में कहां रह गई कमी? पेमेंट और क्षेत्रीय बैंकों के फेल होने के पीछे ‘डिजाइन’ दोषी
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द करने के निर्णय के साथ ही हमारे लिए यह आवश्यक हो गया है कि हम रिजर्व बैंक की विभिन्न पहलों पर नजर डालें, इस पहल के इरादे को परखें और देखें कि इसे कैसे डिजाइन किया गया था। यह हमें यह समझने का अवसर देगा […]
आगे पढ़े
FDI का स्रोत नहीं बल्कि प्राथमिकताएं तय करना जरूरी, इस पर चीन से सीखने की जरूरत
भारत ने 10 मार्च को अपनी जमीनी सीमा से सटे देशों से आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से जुड़े नियमों में ढील दे दी। ‘प्रेस नोट 3’ के नाम से ये दिशानिर्देश अप्रैल 2020 में लागू हुए थे जिनका उद्देश्य कोविड महामारी के दौरान मौके का फायदा उठाने वाले यानी अवसरवादी अधिग्रहणों को रोकना […]
आगे पढ़े