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Zee Entertainment का शेयर F&O से हुआ बाहर, बीते 6 महीने में 42 फीसदी से ज्यादा लुढ़के शेयर

सोनी के मर्जर की खबरों के चलते बीते काफी समय से कंपनी के शेयर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कंपनी के शेयर में काफी गिरावट भी दर्ज की गई है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 17, 2024 | 10:16 AM IST

Zee Entertainment: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने Zee Entertainment के F&O सौदों पर रोक लगा दी है। एक्सचेंज ने कहा कि वह मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी के बाद कंपनी के लिए नए F&O कॉन्ट्रैक्ट जारी करना बंद कर देगा।
बता दें, Zee Entertainment का शेयर बीते कुछ दिनों से काफी चर्चा में हैं। जबसे Zee Entertainment और Sony का सफलतापूर्वक मर्जर नहीं हो पाया तब से ही कंपनी चर्चा में बनी हुई है।

बाहर हुआ स्टॉक
NSE की ओर से कहा गया है कि ज़ी एंटरटेनमेंट के लिए नए एक्सपायरी महीनों के कॉन्ट्रैक्ट मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट महीनों की एक्सपायरी पर जारी नहीं किए जाएंगे। ज़ी को सेबी सर्कुलर के आधार F&O कॉन्ट्रैक्ट से बाहर रखा गया है। इसके तहत अब ज़ी के शेयर 28 जून 2024 से ट्रेड के लिए कोई कॉन्ट्रैक्ट मौजूद नहीं होगा। हालांकि अप्रैल, मई और जून 2024 में ज़ी के मौजूदा बिना खत्म हुए कॉन्ट्रैक्ट ट्रेड के लिए अवेलेबल होंगे।

फिसले शेयर

सोनी के मर्जर की खबरों के चलते बीते काफी समय से कंपनी के शेयर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कंपनी के शेयर में काफी गिरावट भी दर्ज की गई है। इस साल यानी 2024 की बात करें तो शेयर की कीमत में 48 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। पिछले 6 महीने में शेयर 42फीसदी से ज्यादा लुढ़का है।

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Zee-Sony विलय को चुनौती देने वाली याचिका पर 17 मई को एनसीएलएटी में सुनवाई

नैशनल कंपनी लॉ अपील ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने सोमवार को कहा कि ज़ी-सोनी के विलय को चुनौती देने वाली याचिका पर वह 17 मई को सुनवाई करेगा। ऐक्सिस फाइनैंस और आईडीबीआई ने विलय को एनसीएलएटी में चुनौती दी है।

सुनवाई से पहले आईडीबीआई और ऐक्सिस फाइनैंस एनसीएलटी के फैसले का इंतजार करना चाहती हैं। उन्होंने अपील ट्रिब्यूनल से अनुरोध किया है कि एनसीएलटी के मुंबई पीठ में विलय को आगे बढ़ाने वाली ज़ी की याचिका पर फैसले तक इंतजार किया जाना चाहिए।

एनसीएलटी के मुंबई पीठ में दाखिल याचिका लंबित है और इस पर 25 अप्रैल को सुनवाई हो सकती है। आईडीबीआई बैंक की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा है कि एनसीएलटी में ज़ी की याचिका पर होने वाला फैसले का इस पर असर होगा क्योंकि यह विलय का भविष्य तय करेगा।

 

First Published : April 17, 2024 | 8:45 AM IST