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Vodafone Idea Share: 50% टूट सकता है शेयर, ब्रोकरेज ने चेताया; AGR मामले में नहीं मिली ज्यादा राहत

Vodafone Idea Share: ब्रोकरेज के अनुसार, वोडाफोन आईडिया को दी गई राहत बाजार की उम्मीदों से कम रही। क्योंकि लंबित एजीआर देनदारियों पर कोई छूट नहीं दी गई।

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जतिन भूटानी   
Last Updated- January 01, 2026 | 2:14 PM IST

Vodafone Idea Share: टेलीकॉम कंपनी के वोडाफोन आईडिया के शेयरों में हाल फिलहाल में बहुत तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बुधवार को 15 प्रतिशत गिरने के बाद टेलीकॉम फर्म के शेयर गुरुवार को इंट्रा-डे ट्रेड में 5 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। शेयर में उतार-चढ़ाव के बीच ब्रोकरेज हॉउस एमके ग्लोबल ने वोडाफोन आईडिया पर ताजा रिपोर्ट जारी की है। ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि एजीआर में वोडाफोन आईडिया को ज्यादा राहत नहीं मिलने की संभावना है।

Vodafone Idea Share पर टारगेट प्राइस:₹6

एमके ग्लोबल ने वोडाफोन आईडिया शेयर पर ‘SELL‘ रेटिंग दी है। साथ ही स्टॉक पर 6 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव 11 रुपये से 50 प्रतिशत से ज्यादा कम है। वोडाफोन आईडिया के शेयर बुधवार को 10.76 रुपये पर बंद हुए।

ब्रोकरेज के अनुसार, वोडाफोन आईडिया को दी गई राहत बाजार की उम्मीदों से कम रही। क्योंकि लंबित एजीआर देनदारियों पर कोई छूट नहीं दी गई। जबकि वोडाफोन आइडिया की ऊंची लेवरेज और फंडिंग से जुड़ी चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं।

एमके के अनुसार, मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2018 से पहले की अवधि से संबंधित वोडाफोन आइडिया की ₹87,700 करोड़ की एजीआर देनदारियों पर पांच साल की ब्याज-मुक्त मोहलत को मंजूरी दी है। इसके तहत भुगतान को वित्त वर्ष 2032 से वित्त वर्ष 2041 के बीच टाल दिया गया है। वहीं, वित्त वर्ष 2018 और 2019 से जुड़ी एजीआर देनदारियों का भुगतान मौजूदा शेड्यूल में किसी बदलाव के बिना वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2031 के बीच किया जाना था।

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ब्रोकरेज ने कहा कि कम से कम 50 प्रतिशत छूट की उम्मीदों के विपरीत, एजीआर देनदारियों पर किसी भी तरह की छूट का एलान नहीं किया गया। एमके ने यह भी कहा कि दूरसंचार विभाग छह से आठ महीनों के भीतर एजीआर देनदारियों की दोबारा समीक्षा के लिए एक समिति गठित करेगा। इसमें ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर फ्रीज़ की गई देनदारियों की समीक्षा भी शामिल होगी। इससे कंपनी की एजीआर देनदारी में संभावित कमी की गुंजाइश बनी रहती है।

सरकार से मिला राहत पैकेज

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्ज में फंसी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया के लिए राहत पैकेज को बुधवार को मंजूरी दे दी। इसके तहत 87,695 करोड़ रुपये के समायोजित सकल राजस्व (AGR) बकाये के भुगतान से राहत दी गई है। कंपनी को यह बकाया अब वित्त वर्ष 2031-32 से वित्त वर्ष 2040-41 तक देना होगा।

इन कदमों से टेलीकॉम कंपनी में करीब 49 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली सरकार के हितों की रक्षा होगी। साथ ही स्पेक्ट्रम नीलामी शुल्क और एजीआर बकाया के रूप में केंद्र को देय राशि का व्यवस्थित भुगतान सुनिश्चित होगा। इसके अलावा, वोडाफोन-आइडिया इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा में बनी रहेगी और उसके 20 करोड़ यूजर्स के हितों की रक्षा होगी।

 

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर में खरीदारी/बेचने की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जो​खिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

First Published : January 1, 2026 | 2:02 PM IST