प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत की अपील के बाद भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने कर्मचारियों को हफ्ते में एक दिन घर से काम करने की सलाह दी है। उसने विभागों से कहा है कि वे सम्मेलनों को टाल दें और गैर-जरूरी यात्रा से बचें। बाजार नियामक ने कहा कि ये कदम मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और ऊर्जा बचत के मकसद से उठाए गए हैं।
सेबी ने गुरुवार को जारी प्रशासनिक सलाह में ग्रेड ए से सी तक के अधिकारियों को 25 मई से शुरू होने वाले आठ हफ्तों के लिए रोटेशन के आधार पर हफ्ते में एक बार घर से काम करने की अनुमति दी है। बाजार नियामक ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से इस बात की पुष्टि की कि उसने यह सलाह अपने कर्मचारियों के साथ साझा की है।
सलाह में कहा गया है, ग्रेड डी और उससे ऊपर के सभी अधिकारी, चेयरमैन/पूर्णकालिक सदस्यों के कार्यालयों में तैनात सभी कर्मचारी और सेक्रेटेरियल कैडर (यानी सचिव, लेखा सहायक और कनिष्ठ सहायक) के सभी कर्मचारी नियमित रूप से कार्यालय आएंगे। क्षेत्रीय निदेशकों और वर्टिकल प्रमुखों से कहा गया है कि वे समय-समय पर रोस्टर तैयार करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ग्रेड ए से सी तक के कम से कम 50 फीसदी अधिकारी हर समय कार्यालय में मौजूद रहें।
विभागों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अगले आठ हफ्तों के लिए सम्मेलनों, विचार-मंथन कार्यक्रमों और इसी तरह के अन्य आयोजनों को टाल दें। उनसे कहा गया है कि इस अवधि में वे कोई नया सम्मेलन न करें। हालांकि, जिन आयोजनों के लिए बुकिंग पहले ही हो चुकी है और जिन्हें रद्द करने पर शुल्क लग सकता है, उन्हें तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रखा जा सकता है।
ऊर्जा बचाने के उपायों के तहत कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और सेबी की रियायती बस सुविधा के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया गया है। विभागों को सलाह दी गई है कि जहां भी मुमकिन हो, वे हितधारकों के साथ बैठक वर्चुअल तरीके से करें। सेबी ने घर से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी जारी किया है। आठ हफ्ते की अवधि के बाद इसकी समीक्षा की जा सकती है। एसओपी के अनुसार, विभाग प्रमुख घर से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए काम और समय-सीमा तय कर सकते हैं।
कर्मचारियों को घर से काम करते समय डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के प्रति सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।