facebookmetapixel
Advertisement
LIC Q4FY26 Results: मुनाफा 23% बढ़कर ₹23,420 करोड़, ₹10 के डिविडेंड का ऐलानअब मुंबई की बारिश पर भी लगेगा दांव, हर बूंद का होगा सौदा; समझिए Rain Futures ट्रेडिंग कैसे होगीअब एक OTP नहीं, दो की होगी जरूरत, बुजुर्गों के पैसे रहेंगे पूरी तरह सुरक्षित; जानें डीटेलयूपी में जल्द जमीन पर उतरेंगे ₹7 लाख करोड़ के निवेश, डिफेंस कॉरिडोर पर योगी सरकार का बड़ा दांवITC Q4FY26 Results: मुनाफा 74% घटकर ₹5,113 करोड़ पर आया, ₹8 के डिविडेंड का ऐलान Explainer: 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड क्या है और इस पर सबकी नजर क्यों रहती है? भारत का बॉन्ड मार्केट क्यों दे रहा खतरे का इशारा? नीतिगत राहत के बावजूद निवेशक क्यों हैं नाखुश?IPO प्राइस से नीचे फिसला टाटा कैपिटल, एक्सपर्ट ने बताई आगे की ट्रेडिंग स्ट्रैटेजीमजबूत नतीजों के बाद चमका Samvardhana Motherson का शेयर, ब्रोकरेज को 29% तक रिटर्न की उम्मीदIndia US trade talks: अगले महीने भारत आ सकती है अमेरिकी व्यापार टीम, व्यापार समझौते पर होगी बातचीत

सेंकंडरी मार्केट ASBA के लिए तैयारी कर रही डिपॉजिटरीज, क्लाइंटों के फंडों का रुकेगा दुरुपयोग

Advertisement

बाजार नियामक की योजना 1 जनवरी से वैकल्पिक आधार पर अस्बा फैसिलिटी शुरू करने की है। यह सुविधा शुरुआत में इक्विटी कैश सेगमेंट में मिलेगी।

Last Updated- December 12, 2023 | 10:34 PM IST
Depositories ready ground for secondary market ASBA

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (CDSL) ने कहा है कि वह 29 दिसंबर को यूपीआई ब्लॉक फैसिलिटी जारी करेगी और अगले दिन से यह प्रभावी हो जाएगा।

यह कदम द्वि‍तीयक बाजार के लिए अस्बा (ऐप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट) के क्रियान्वयन से पहले उठाया जा रहा है। बाजार नियामक की योजना 1 जनवरी से वैकल्पिक आधार पर अस्बा फैसिलिटी शुरू करने की है। यह सुविधा शुरुआत में इक्विटी कैश सेगमेंट में मिलेगी।

इस कदम से ब्रोकरेज की तरफ से क्लाइंटों के फंडों के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी। ब्रोकरेज को भेजे संदेश में CDSL ने इस व्यवस्था की खातिर परिचालन वाले तरीके भी जारी किए हैं।

सीडीएसएल के परिपत्र में कहा गया है कि यह सुविधा स्टॉक ब्रोकर व निवेशक दोनों के लिए वैकल्पिक होगी।

निवेशक इसके लिए तभी पंजीकृत हो पाएंगे जब स्टॉक ब्रोकर ने भी यूपीआई ब्लॉक फैसिलिटी का विकल्प चुना होगा। स्टॉक एक्सचेंजों के पास भी यूनिक क्लाइंट कोड डेटाबेस में पंजीकरण को स्टोर करने का प्रावधान होगा, जिसे क्लियरिंग कॉरपोरेशन के साथ साझा किया जाएगा।

Advertisement
First Published - December 12, 2023 | 10:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement