facebookmetapixel
Advertisement
Aye Finance IPO Listing: 97% सब्सक्रिप्शन के बाद फीकी शुरुआत, ₹129 पर सपाट लिस्ट हुए शेयरFractal Analytics IPO की फ्लैट लिस्टिंग, ₹900 रुपये पर लिस्ट हुए शेयर; निवेशकों को नहीं मिला फायदाGold, Silver Price Today: चांदी में ₹5,871 की गिरावट, सोना भी फिसला; जानें MCX पर किस भाव खुला कारोबारमिडकैप-स्मॉलकैप का दौर आने वाला! FY27 में बदल सकती है बाजार की तस्वीरमोदी के गमछे से चमकी बुनकरों की किस्मत, बिहार के करघों पर बरसे करोड़ों के ऑर्डरमिस-सेलिंग पर RBI सख्त, Axis Max Life ने कहा- फैसला ग्राहकों के हित मेंएलएलपी और कंपनी ऐक्ट में सुधार की तैयारी, कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत?Stocks To Buy Today: एक्सपर्ट कॉल! चॉइस इक्विटी ने सुझाए 2 शेयर, ₹660 तक टारगेट; जानें एंट्री और स्टॉपलॉससुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, एयरसेल-आरकॉम की वसूली अब खतरे मेंNeysa जुटा रही 1.2 अरब डॉलर, एआई क्रांति को मिलेगा नया जोर

SEBI ने किया बड़ा बदलाव, अब गैर-प्रमोटर शेयरधारक भी OFS के जरिए बेच सकेंगे अपनी हिस्सेदारी

Advertisement
Last Updated- January 11, 2023 | 12:22 PM IST
SEBI

भारत के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने ऑफर-फॉर-सेल यानी OFS के नियमों को बदला है। इस बदलाव के बाद से अब गैर-प्रमोटर शेयरधारक को OFS के जरिए शेयर बेचने की मंजूरी दे दी गई है।

OFS के मौजूदा नियमों के अनुसार, सिर्फ प्रमोटर्स और प्रमोटर ग्रुप की कंपनियां ही OFS के जरिए अपने शेयर बेच सकती थीं। अब इस नियम को बदल दिया गया है- SEBI ने कहा, ‘अगर कोई गैर-प्रमोटर शेयरधारक OFS सिस्टम के जरिए शेयरों को बिक्री के लिए रखता है, तो उस कंपनी के प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप भी इन शेयरों को खरीदने के लिए OFS में भाग ले सकता है। बशर्ते सेबी के किसी लागू प्रावधान का उल्लंघन न हो रहा हो।’

SEBI के ये बदले हुए नियम अगले महीने यानी 9 फरवरी 2023 से लागू होंगे। SEBI के अनुसार नए नियमों के तहत 1,000 करोड़ रुपये और उससे अधिक के मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनियों के लिए भी OFS सिस्टम उपलब्ध होगा।

मार्केट कैपिटलाइजेशन का आकलन जिस महीने OFS खुला है उसके पहले के छह महीने की अवधि के दौरान रहे औसत डेली मार्केट कैप के रूप में किया जाएगा। OFS का मिनिमम साइज 25 करोड़ रुपये होना चाहिए।

न्यूनतम राशि को लेकर SEBI ने कहा, ‘हालांकि, प्रमोटरों या प्रमोटर ग्रुप की संस्थाओं की ओर से ऑफर का साइज 25 करोड़ रुपये से कम हो सकता है ताकि एक ही बार में न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के शर्तों को पूरा किया जा सके।’

सेबी की गाइडलाइंस में ऑपरेशनल जरूरतों को लेकर कहा गया है कि OFS के जरिए हिस्सेदारी बेचने के लिए विक्रेता, ‘ब्रोकर्स को नियुक्त करेंगे।’

Advertisement
First Published - January 11, 2023 | 7:22 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement