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रुपया लुढ़ककर गया 79.36 पर

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 5:47 PM IST

डॉलर के मुकाबले रुपये में नरमी का रुख बना हुआ है। जून में व्यापार घाटा रिकॉर्ड उच्च स्तर पहुंचने से डॉलर की तुलना में स्थानीय मुद्रा आज और भी नीचे फिसल गया। रुपया 0.5 फीसदी गिरकर 79.36 के निम्नतम स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले 1 जुलाई को रुपया 79.04 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली से भी रुपये पर दबाव बढ़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के मद्देनजर चालू खाते का घाटा बढ़ने से मुद्रा ट्रेडरों का अनुमान है कि रुपये में आगे और गिरावट आ सकती है। फरवरी में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के समय से ही वै​श्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी बनी हुई है। कच्चे तेल का दाम बढ़ने से मुद्रास्फीति और चालू खाते के घाटे में वृद्धि का जोखिम बढ़ गया है। भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से अ​धिक कच्चा तेल आयात करता है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज रिसर्च में विश्लेषक दिलीप परमार ने बताया, ‘सोमवार को थोड़ा संभलने के बाद रुपया जून में व्यापार घाटा बढ़ने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली की वजह से आज फिर नए निचले स्तर पर फिसल गया। इस साल अब तक विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में रिकॉर्ड 31 अरब डॉलर की बिकवाली की है।’ विश्लेषकों का अनुमान है कि डॉलर के मुकाबले रुपया 79.80 से 80 रुपये के करीब जा सकता है। 2022 में रुपये में 6.3 फीसदी की नरमी आ चुकी है। वै​श्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका से अमेरिकी डॉलर सूचकांक करीब 20 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं में गिरावट देखी जा रही है। अमेरिकी डॉलर सूचकांक 106.17 पर पहुंच गया, जो 3 दिसंबर 2002 के बाद से उच्चतम स्तर है। सोमवार को यह 105.14 पर था।
कोटक सिक्योरिटीज में मुद्रा डेरिवेटिव एवं ब्याज दर डेरिवेटिव के उपाध्यक्ष अनिंद्य बनर्जी ने कहा, ‘शेयर बाजार में गिरावट और अमेरिकी डॉलर सूचकांक में मजबूती से रुपये पर दोहरी मार पड़ी है। आगे भी रुपये में नरमी का रुख बना रह सकता है।’ बनर्जी का अनुमान है कि निकट अवधि में रुपया 78.90 से 79 रह सकता है।
सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक के डीलर ने कहा, ‘आरबीआई ने 79.20 से 79.25 के स्तर पर मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया था लेकिन आज डॉलर की मांग काफी ज्यादा थी। रुपया 79.30 तक जाने के बाद बाजार में डॉलर को कोई बिकवाल नहीं था।’रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रुपये में भारी-उतार चढ़ाव को काबू में करने के लिए आरबीआई ने समय-समय पर डॉलर की खासी बिकवाली की है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार 25 फरवरी के 631.52 अरब डॉलर से 24 जून को घटकर 593.32 अरब डॉलर रह गया है।

First Published : July 5, 2022 | 11:39 PM IST