facebookmetapixel
Advertisement
Sensex फिसला, Nifty संभला- IT शेयरों की गिरावट से क्यों अटका बाजार?रियल एस्टेट में बड़ा मौका: बुजुर्गों की आवासीय परियोजना बनाने पर जोर, छोटे शहर बनेंगे ग्रोथ इंजनMSCI ने बदले इंडिया स्टॉक्स: किन शेयरों में आएगा पैसा, किनसे निकलेगा?Kotak MF के इस फंड ने दिया 48 गुना रिटर्न, ₹1,000 की SIP से 23 साल में बना ₹19.49 लाख का फंडQuality Funds में निवेश करें या नहीं? फायदे-नुकसान और सही स्ट्रैटेजी समझेंबंधन लाइफ ने लॉन्च किया नया ULIP ‘आईइन्‍वेस्‍ट अल्टिमा’, पेश किया आकर्षक मिड-कैप फंडभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ताअब डाकिया लाएगा म्युचुअल फंड, NSE और डाक विभाग ने मिलाया हाथ; गांव-गांव पहुंचेगी सेवाTitan Share: Q3 नतीजों से खुश बाजार, शेयर 3% चढ़कर 52 वीक हाई पर; ब्रोकरेज क्या दे रहे हैं नया टारगेट ?गोल्ड-सिल्वर ETF में उछाल! क्या अब निवेश का सही समय है? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

बढ़ेगी सरकारी प्रतिभूतियों में खुदरा भागीदारी

Advertisement

सेबी स्टॉक ब्रोकरों को सरकारी प्रतिभूति बाजार में भागीदारी की अनुमति देने पर विचार कर रहा है

Last Updated- October 04, 2024 | 10:46 PM IST
SEBI

बाजार नियामक सेबी स्टॉक ब्रोकरों के जरिये सरकारी प्रतिभूतियों में खुदरा भागीदारी को प्रमोट करने के लिए कदम उठाने पर विचार कर रहा है। शुक्रवार को जारी परामर्श पत्र में नियामक ने पंजीकृत स्टॉक ब्रोकरों को सरकारी प्रतिभूति बाजार में निगोशिएटेड डीलिंग सिस्टम-ऑर्डर मैचिंग (एनडीएस-ओएम) के जरिये भाग लेने की अनुमति देने का प्रस्ताव किया है, जिसका परिचालन आरबीआई करता है।

एनडीएस-ओएम सरकारी प्रतिभूतियों की द्वि‍तीयक बाजार में ट्रेडिंग के लिए अनाम ऑर्डर मैचिंग सिस्टम है। स्टॉक ब्रोकरों को एक अलग बिजनेस यूनिट के तहत ऐसा करने की इजाजत दी जाएगी। चूंकि स्टॉक ब्रोकरों के पास खुदरा निवेशकों की खासी संख्या होती है, लिहाजा एनडीएस-ओएम सिस्टम तक पहुंच से खुदरा भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

अभी एनडीएस-ओएम सिस्टम बैंकों, प्राइमडी डीलरों, बीमा कंपनियों, म्युचुअल फंडों आदि जैसी इकाइयों के लिए सदस्यता की खातिर खुला है, जो आरबीआई के पास सब्सिडियरी जनरल लेजर अकाउंट रखते हैं। सेबी ने प्रस्तावों पर 25 अक्टूबर तक सार्वजनिक टिप्पणी मांगी है।

परामर्श पत्र में कहा गया है, एनडीएस-ओएम पर लेनदेन करने वाले स्टॉक ब्रोकरों के लिए नीति, पात्रता मानक, जोखिम प्रबंधन, निवेशकों की शिकायत, निरीक्षण, प्रवर्तन, दावे आदि से संबंधित मामले नियामकीय फ्रेमवर्क के तहत जारी किए जाएंगे।

Advertisement
First Published - October 4, 2024 | 10:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement