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वृद्घि में सुधार से रियल्टी फर्म डीएलएफ में तेजी के आसार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 8:27 PM IST

आवासीय सेगमेंट में नई पेशकशों की मदद से वित्त वर्ष 2023 में शानदार वृद्घि, एन्युटी या किराया व्यवसाय में सुधार के साथ मजबूत लीजिंग मांग और सुधरते मूल्य निर्धारण से डीएलएफ के लिए राजस्व एवं मार्जिन के मामर्चे पर अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं। ब्रोकरों का मानना है कि इसके अलावा इस शेयर में आई गिरावट ने भी देश की इस सबसे बड़ी सूचीबद्घ रियल एस्टेट दिग्गज के शेयर में खरीदारी का अवसर प्रदान किया है।
शेयरखान के विश्लेषकों ने अपनी एक ताजा रिपोर्ट में डीएलएफ पर अपने सकारात्मक नजरिये को दोहराया है और 41 प्रतिशत की संभावित तेजी की संभावना जताई है। उनका मानना है कि आवासीय और किराया पोर्टफोलियो में मजबूत विकास की संभावना और शेयर में ताजा गिरावट ने इसमें खरीदारी का अच्छा अवसर दिया है।  डीएलएफ का शेयर फरवरी के शुरू से मार्च के शुरू में (निचले स्तर पर) लगभग 23 प्रतिशत गिर गया था और उसके बाद इसमें थोड़ा सुधार देखने को मिला।
अनुकूल परिदृश्य का मुख्य कारण वित्त वर्ष 2023 के लिए कंपनी के बिक्री परिदृश्य पर आधारित है। वित्त वर्ष 2022 के अंत तक करीब 6,000-6,500 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज किए जाने की संभावना के साथ डीएलएफ ने अगले वित्त वर्ष में
प्रति तिमाही 2,000 करोड़ रुपये का बिक्री लक्ष्य रखा है।
ऐक्सिस कैपिटल के समर सारदा और आशुतोष मित्तल का मानना है कि कंपनी अगले 12 महीनों के दौरान बिक्री का पिछला सर्वाधिक स्तर (2009-10 में) पाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उनका कहना है कि वित्त वर्ष 2023 और वित्त वर्ष 2023 में बिक्री वृद्घि मुख्य बाजारों (दिल्ली और गुरुग्राम) में नई पेशकशों पर आधारित होगी और यह उन बाजारों पर भी निर्भर करेगी जहां डीएलएफ ने पुन: प्रवेश किया है और पहले परियोजनाएं चलाई थीं।
शेयरखान का कहना है कि कंपनी गैर-प्रमुख दक्षिण बाजारों में विविधता लाने पर ध्यान दे रही है और चेन्नई में भूखंड विकास परियोजना, तमिलनाडु में मिश्रित इस्तेमाल वाली परियोजना, और चेन्नई में हाई-एंड आवासीय पेशकशों पर जोर दे रही है।
मजबूत मांग, ऊंची कीमतों, और शानदार मार्जिन से नकदी प्रवाह सुधर रहा है और कर्ज में कमी के संकेत मिल रहे हैं।
आईआईएफएल रिसर्च का मानना है कि कंपनी की ताजा पेशकशें उसके ज्यादा मार्जिन वाले मुख्य भूमि बैंक से संबंधित हैं। कंपनी पिछली सात तिमाहियों से नकदी के लिहाज से अच्छी स्थिति में रही है और उसने पिछली दो तिमाहियों में कर्ज में 30 प्रतिशत की कमी की है।
डीएलएफ ने अपना कर्ज वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में अपने आवासीय व्यवसाय के लिए 1,665 करोड़ रुपये तक घटाया और अब यह 3,220 करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि भले ही निर्माण लागत में इजाफा होगा, लेकिन ब्रोकरों का मानना है कि कंपनी वित्त वर्ष 2024 तक कर्ज-मुक्त हो सकती है।
ऐक्सिस कैपिटल का कहना है कि कंपनी नकारात्मक कार्यशील पूंजी (संपूर्ण चुकता भूमि पर पूर्व-बिक्री से संबंधित) से जूझ रही है, जिससे 2024-25 से नए निवेश और वृद्घि को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
एन्युटी (लीजिंग) सेगमेंट में भी वित्त वर्ष 2023 में सुधार आने की संभावना है, क्योंकि वर्क-फ्रॉम-ऑफिस का ट्रेंड तेज हुआ है और मॉल गतिविधि/खपत में सुधार आया है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषक अधिदेव चट्टोपध्याय का कहना है, ‘जहां ओमीक्रोन-आधारित महामारी से आफिस में फिर से लौटने की प्रक्रिया में कुछ विलंब हुआ है, वहीं डीएलएफ को वित्त वर्ष 2023 से लीजिंग गतिविधि में मजबूत तेजी आने का भरोसा है और ऑफिस पोर्टफोलियो ऑक्यूपेंसी स्तर वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में बढ़कर 90 प्रतिशत के पार पहुंच जाने का अनुमान है।’
हालाकि किराया परिचालन लाभ वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में तिमाही आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 870 करोड़ रुपये बढ़ा, लेकिन आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज को यह वित्त वर्ष 2022 के 3,400 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2023 में 4,050 करोड़ रुपये पर पहुंच जाने की संभावना है। रिटेल सेगमेंट में सुधार के अलावा, सकारात्मक बदलाव किराया इकाई डीएलएफ साइबर डेवलपर्स की रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट परिसंपत्तियों की संभावित सूचीबद्घता से जुड़ा हो सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि इन बदलावों के बीच, शेयर कीमतों में गिरावट ने मूल्यांकन आकर्षक बना दिया था। मौजूदा भाव पर, यह शेयर अपने वित्त वर्ष 2023 आय अनुमानों के 40 गुना से ठीक नीचे कारोबार कर रहा है।
इस महीने के शुरू में जारी अपनी एक रिपोर्ट में आईआईएफएल रिसर्च ने कहा था कि गिरावट ने निवेश का आकर्षक अवसर दिया और डीएलएफ की ऊंची गुणवत्ता का भूमि बैंक बुक वैल्यू के आसपास काराबार कर रहा है।
शेयर के लिए मुख्य जोखिम रियल एस्टेट मांग, खासकर दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में, कमजोरी के साथ साथ बढ़ती ब्याज दरें हैं, जिनसे मांग प्रभावित हो सकती है।
निवेशक गिरावट पर दीर्घावधि पोर्टफोलियो के हिसाब से इस शेयर को खरीदने पर विचार कर सकते हैं।

First Published : March 28, 2022 | 11:17 PM IST