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सार्वजनिक निर्गम के बाजार में सुस्ती बरकरार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 4:06 PM IST

प्राथमिक बाजारों के लिए 2022 अब तक सुस्त बना हुआ है। प्राइम डेटाबेस के आंकड़े से पता चलता है कि पिछले 8 महीनों में सिर्फ 16 कंपनियों ने आईपीओ के जरिये 40,311 करोड़ रुपये जुटाए हैं।  तुलनात्मक तौर पर, वर्ष 2021 में आईपीओ के जरिये 63 कंपनियों ने 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे।
2022 में कोष उगाही का बड़ा हिस्सा दो आईपीओ- एलआईसी और लॉजि​स्टिक कंपनी डेलिवरी से जुड़ा रहा है, जिन्होंने 26,000 करोड़ रुपये से अ​धिक की 
पूंजी जुटाई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में रिटेल रिसर्च के प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘2022 की दूसरी छमाही के दौरान और खासकर पहली तिमाही में आईपीओ 
गतिवि​धि में सुस्ती (यदि एलआईसी और डेलिवरी के आईपीओ को छोड़ दिया जाए) दर्ज की गई।  नए जमाने की कंपनियों के आईपीओ की आक्रामक कीमतें, कमजोर पूंजी बाजारों और आईपीओ की सुस्त सूचीबद्धता इसकी मुख्य वजह ​थे। इसके अलावा, प्रवर्तक सेकंडरी बाजार में बेहतर समय आने की उम्मीद में ऊंचे मूल्यांकन का इंतजार करना भी चाहते थे।’
हाल में, ऑनलाइन फार्मेसी फार्मइजी की पैतृक कंपनी एपीआई हो​ल्डिंग्स ने बाजार अनि​श्चितता और कुछ खास बदलावों को ध्यान में रखते हुए 9 नवंबर 2021 को बाजार नियामक के पास जमा कराए अपने डीआरएचपी को वापस लिया है। इसके बजाय एपीआई हो​ल्डिंग्स अब राइट इश्यू लाने की योजना बना रही है। खबरों के अनुसार, कंपनी ने आईपीओ से 6,250 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई ​थी, और उसने आईपीओ-पूर्व राउंड में 5-5.7 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर कोष जुटाया था। भारत की सबसे बड़ी एयरपोर्ट सर्विस एग्रिगेटर ड्रीमफॉक्स सर्विसेज ने भी बाजार में ज्यादा अनि​श्चितता का हवाला देते हुए अपना निर्गम आकार 20 प्रतिशत तक कम किया ​​था। 
प्रभुदास लीलाधर कैपिटल मार्केट में इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के कार्यकारी निदेशक दारा कल्याणीवाला के अनुसार, सेकंडरी बाजारों में हाल में 
अ​स्थिरता देखी गई है, जिससे निर्गम लाने वाली कंपनी का भरोसा न सिर्फ आईपीओ की सफलता को लेकर डगमगाया है ब​ल्कि सूचीबद्धता के बाद इनमें निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहेगी या नहीं, इसे लेकर भी समान रूप से चिंता बनी हुई है।
मौजूदा बाजार हालात को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि प्राथमिक बाजार में बड़ा सुधार आने में अभी कुछ वक्त लगेगा। 
कल्याणीवाला ने कहा, ‘यदि वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही के नतीजों से सुधार के संकेत दिखे तो प्राथमिक बाजार में दीवाली के बाद तेजी आ सकती है, क्योंकि इससे सेकंडरी बाजार में कुछ हद तक मजबूती देखी जा सकती है। करीब 70 डीआरएचपी ऐसे हैं, जिन्हें लेकर बाजार नियामक सेबी ने अपने निरीक्षण पत्र जारी किए हैं। ये 70 आईपीओ अनुरोध वि​भिन्न क्षेत्रों की कंपनियों से जुड़े हुए हैं, इसलिए मेरी नजर में आने वाले समय में आईपीओ बाजार में किसी एक क्षेत्र का दबदबा नहीं देखा जा सकता है।’
बाजार कारोबारियों की नजर अगले कुछ सप्ताहों के दौरान निवेश से पहले मुद्रास्फीति की राह और 
वै​श्विक केंद्रीय बैंकों (खासकर अमेरिकी फेड) के कदमों पर लगी रहेगी।  इस पृष्ठभूमि में प्राथमिक बाजारों में भी सतर्कता बनी रहेगी।

 

First Published : August 31, 2022 | 10:18 PM IST