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प्राइवेट इ​क्विटी ने मार्च तिमाही में NSE की होल्डिंग घटाई

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Last Updated- April 26, 2023 | 9:04 PM IST
Active users of NSE decreased for the tenth consecutive month, 1.5 million accounts decreased in April
BS

प्रमुख वै​श्विक फंडों और निजी इ​क्विटी (PE) भागीदारों ने देश के सबसे बड़े शेयर बाजार – नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में उसके आरं​भिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के संबंध में अनिश्चितता के बीच अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है।

शेयरहोल्डिंग के ताजा आंकड़ों के अनुसार एसएआईएफ पार्टनर्स (SAIF Partners), अकेशा बैन्यन पार्टनर्स (Acacia Banyan Partners), ओंटारियो टीचर्स और डेक्कन वैल्यू इन्वेस्टर्स (Ontario Teachers’ and Deccan Value Investors) ने अपने निवेश में 24 फीसदी तक की कटौती की है।

NSE द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च 2023 की तिमाही में विदेशी प्रत्यक्ष निवेशकों (FDI) के पास रखे कुल शेयर घटकर 25.71 फीसदी रह गए, जो दिसंबर 2022 की तिमाही में 27.06 फीसदी थे। दूसरी तरफ बीमा कंपनियां, कॉरपोरेट और खुदरा निवेशकों ने NSE में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।

आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च 2023 के दौरान NSE के लगभग 2,000 करोड़ रुपये के शेयरों में 2,948 रुपये के औसत से स्वामित्व परिवर्तन हुआ। फरवरी में 1,230 करोड़ रुपये के शेयरों में 2,982 रुपये प्रति शेयर की दर पर स्वामित्व परिवर्तन हुआ था।

Also Read: Closing Bell: ग्लोबल मार्केट में गिरावट के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में तेजी, Sensex 60,300 पर बंद, निफ्टी 17,800 के पार

शेयरों की बिक्री के हालिया लेनदेन का मूल्य लगभग 1.45 लाख करोड़ रुपये है। उद्योग के भागीदरों ने कहा कि कुछ PE को NSE के शेयरों को इसलिए बेचना पड़ा है क्योंकि उनके फंड की होल्डिंग अवधि समाप्त हो गई थी।

हालांकि NSE के शेयर औपचारिक रूप से सूचीबद्ध नहीं हैं, लेकिन वे गैर-सूचीबद्ध क्षेत्र में खासा कारोबार करते हैं। उम्मीद की जा रही है कि बाजार नियामक अनुचित पहुंच के लंबित कानूनी मामले हल किए जाने के बाद ही शेयर बाजार को अपनी सूचीबद्ध प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति देगा।

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First Published - April 26, 2023 | 9:03 PM IST

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