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इस साल भी ऐ​क्टिव लार्जकैप फंडों का प्रदर्शन दमदार रहने के आसार

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म्यूचुअल फंड (एमएफ) नियम लार्जकैप फंड प्रबंधकों को मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में 20 प्रतिशत तक निवेश की अनुमति देते हैं।

Last Updated- December 25, 2024 | 9:40 PM IST
Fund of Funds

ज्यादातर ऐ​क्टिव लार्जकैप फंड लगातार दूसरे साल 2024 में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। इसका श्रेय उनके मिडकैप और स्मॉलकैप आवंटन के मजबूत प्रदर्शन को जाता है। वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों से पता चला है कि 30 ऐ​क्टिव लार्जकैप फंडों (डायरेक्ट प्लान) में से 83 प्रतिशत का रिटर्न एक साल के आधार पर (24 दिसंबर तक) बीएसई 100 टोटल रिटर्न इंडेक्स (टीआरआई) से ज्यादा है। 2023 में 73 प्रतिशत योजनाओं ने इंडेक्स को मात दी थी।

विश्लेषकों के अनुसार ऐ​क्टिव लार्जकैप फंडों का प्रदर्शन चक्रीय प्रकृति का होता है यानी कि लार्जकैप के मुकाबले स्मॉलकैप और मिडकैप के बेहतर प्रदर्शन रहने के दौर में उनमें सूचकांक को मात देने की क्षमता होती है।

फंड्सइंडिया में शोध प्रमुख अरुण कुमार ने कहा, ‘ऐसे माहौल में जहां स्मॉलकैप और मिडकैप शेयर काफी बेहतर प्रदर्शन करते हैं, ऐ​क्टिव लार्जकैप फंड लाभ की ​स्थिति होते हैं क्योंकि उनका छोटी कंपनियों में ज्यादा निवेश होता है।’

उन्होंने कहा कि चुनौती तब आती है जब लार्जकैप सूचकांक कुछ शीर्ष शेयरों से चलते हैं और बाजार का स्मॉलकैप और मिडकैप सेगमेंट संघर्ष करता है। व्यापक तेजी और सूचकांक में कुछ दिग्गजों का सुस्त प्रदर्शन भी इसकी एक वजह रही है।

व्हाइटओक कैपिटल एएमसी के सीआईओ रमेश मंत्री ने कहा, ‘सक्रिय शेयर चयन करने के लिए माहौल अनुकूल रहा है क्योंकि बाजार का रिटर्न प्रोफाइल कम कंसनट्रेशन के साथ व्यापक रहा है यानी माध्य स्टॉक का रिटर्न बाजार के इंडेक्स या बेंचमार्क रिटर्न से अधिक रहा है। इसके अलावा, नई सूचीबद्धताओं ने सक्रिय प्रबंधकों को गहन शोध के आधार पर अपनी शेयर चयन क्षमता प्रदर्शित करने का मौका दिया है।’

म्यूचुअल फंड (एमएफ) नियम लार्जकैप फंड प्रबंधकों को मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में 20 प्रतिशत तक निवेश की अनुमति देते हैं। नवंबर के अंत में अधिकांश शीर्ष प्रदर्शन करने वाली लार्जकैप योजनाओं का मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में 10-15 प्रतिशत आवंटन था।

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने अपने लार्जकैप प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा रिटर्न दिया है। 2024 में अब तक निफ्टी 50 में 9.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है जबकि निफ्टी मिडकैप 100 में 23.6 फीसदी की तेजी आई है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी 23.7 फीसदी की उछाल आई है। सीमित शेयरों और जानकारी से संबं​धित समस्याओं के कारण फंड प्रबंधकों के लिए लार्जकैप श्रेणी को सबसे कठिन माना जाता है।

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First Published - December 25, 2024 | 9:40 PM IST

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