म्युचुअल फंड

Baroda BNP Paribas के ELSS फंड का कमाल, ₹10,000 की मंथली SIP से 20 साल में ₹1 करोड़; साथ में मिला टैक्स बेनेफिट

5 जनवरी 2006 को शुरू हुआ यह फंड दो दशकों में ELSS कैटेगरी का भरोसेमंद लॉन्ग-टर्म चैंपियन बनकर उभरा है

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अंशु   
Last Updated- February 18, 2026 | 4:40 PM IST

Baroda BNP Paribas ELSS Tax Saver Fund: बड़ौदा बीएनपी परिबा ईएलएसएस टैक्स सेवर फंड इस साल अपनी 20वीं सालगिरह मना रहा है। 5 जनवरी 2006 को शुरू हुआ यह फंड दो दशकों में ELSS कैटेगरी का भरोसेमंद लॉन्ग-टर्म चैंपियन बनकर उभरा है। पिछले पांच वर्षों में 15.91 फीसदी के दमदार रिटर्न के साथ इसने निवेशकों की पूंजी दोगुनी कर दी है, जबकि लॉन्च से अब तक 11.65 फीसदी के CAGR रिटर्न ने इसकी स्थिर और लगातार ग्रोथ को साबित किया है। फंड का SIP रिटर्न भी उतना ही बेहतरीन रहा है, जिससे यह टैक्स सेविंग के साथ वेल्थ क्रिएशन का एक आकर्षक विकल्प बन गया है।

AUM पहुंचा ₹910 करोड़ के पार

इसके साथ ही इस फंड ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 31 जनवरी 2026 तक इसका एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 910 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। यह फंड संजय चावला (चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर – इक्विटी, बड़ौदा बीएनपी परिबा एसेट मैनेजमेंट इंडिया) द्वारा मैनेज किया जाता है। पिछले दो दशकों में यह फंड ईएलएसएस (ELSS) कैटेगरी में एक भरोसेमंद लॉन्ग टर्म परफॉर्मर बन चुका है। यह फंड अनुशासित तरीके से इक्विटी में निवेश के साथ-साथ टैक्स बचत का भी लाभ देता है, और यह म्युचुअल फंड्स के “टुगेदर फॉर मोर” ब्रांड वादे को पूरा करता है।

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बेंचमार्क से दिया बेहतर रिटर्न

बड़ौदा बीएनपी परिबा ईएलएसएस टैक्स सेवर फंड ने रिटर्न देने के मामले में अपने बेंचमार्क को भी पीछे छोड़ दिया है। पिछले 1 और 3 साल में इस स्कीम ने क्रमश: 8.40 फीसदी और 19.26 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि 1 और 3 साल की अवधि में बेंचमार्क इंडेक्स (Nifty 500 TRI) ने क्रमश: 7.98 फीसदी, 16.72 फीसदी का रिटर्न दिया है। हालांकि पांच साल की अवधि में फंड बेंचमार्क इंडेक्स से हल्का सा पीछे रह गया है। पिछले पांच साल में फंड ने 15.91 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि Nifty 500 TRI ने 16.54 फीसदी का रिटर्न दिया है।

20 साल में निवेशक बने करोड़पति

इस फंड ने शुरू होने से लेकर अब तक 11.65% CAGR रिटर्न दिए हैं, जो यह दिखाता है कि यह फंड कई बाजार उतार-चढ़ाव के दौरान भी लंबी अवधि में निवेशकों के लिए हाई रिटर्न जनरेट करने पर केंद्रित रहा है।

अगर किसी निवेशक ने बड़ौदा बीएनपी परिबा ईएलएसएस टैक्स सेवर फंड में शुरुआत में 1 लाख रुपये की एकमुश्त निवेश किया होता, तो जनवरी 2026 के अंत तक वह अमाउंट लगभग 91.48 लाख रुपये हो गया होता।

सिस्टमैटिक तरीके से निवेश करने वाले निवेशकों को भी काफी फायदा हुआ है। अगर किसी ने शुरुआत से हर महीने 10,000 रुपये SIP किया होता, तो आज उसकी रकम लगभग 1.03 करोड़ रुपये हो जाती। इस स्कीम में SIP करने पर रिटर्न 12.90 फीसदी CAGR के हिसाब से बढ़ा है।

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क्वालिटी बेस्ड ग्रोथ पर फोकस

यह फंड बेंचमार्क पर निर्भर नहीं रहता और इसमें लार्ज-कैप में ज्यादा निवेश किया जाता है, ताकि ग्रोथ और स्थिरता दोनों का संतुलन बना रहे।

बाजार में उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने के लिए फंड मैनेजर्स उन कंपनियों से बचते हैं जो बहुत ज्यादा साइक्लिक हों, ग्लोबल कमोडिटी बिजनेस हों या जिनका कर्ज बहुत ज्यादा हो।

इसके बजाय फंड का पोर्टफोलियो उन कंपनियों की तरफ झुकता है जिनके पास मजबूत और स्ट्रक्चरल कैश फ्लो हो, जिससे लंबी अवधि में निवेश का अच्छा बढ़ना संभव हो सके।

कहां लगाया हैं पैसा?

बड़ौदा बीएनपी परिबा ईएलएसएस टैक्स सेवर फंड का ज्यादातर निवेश लार्ज कैप शेयरों में है। कुल पोर्टफोलियो का 66.22 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप में लगा हुआ है। इसके अलावा 20.59 फीसदी निवेश मिड कैप शेयरों में किया गया है। स्मॉल कैप शेयरों में 11.02 फीसदी हिस्सा है। वहीं ETF, कैश और डेट में सिर्फ 2.16 फीसदी निवेश रखा गया है। इससे पता चलता है कि फंड का फोकस मुख्य रूप से बड़े और स्थिर कंपनियों पर है।

फंड की टॉप-10 होल्डिंग

इस ELSS फंड की टॉप-10 होल्डिंग की बात करें तो, फंड का सबसे बड़ा निवेश एचडीएफसी बैंक में है, जिसमें 6.7 फीसदी हिस्सा लगा है। इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक में 4.91 फीसदी निवेश किया गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज में 3.92 फीसदी और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 3.29 फीसदी हिस्सा है। भारती एयरटेल में 3.13 फीसदी और इन्फोसिस में 2.86 फीसदी निवेश है। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो में 2.7 फीसदी, टेक महिंद्रा में 2.57 फीसदी, सैजिलिटी में 2.5 फीसदी और टीवीएस मोटर कंपनी में 2.44 फीसदी निवेश किया गया है।

फंड की टॉप-10 होल्डिंग

कंपनी का नाम निवेश (%)
एचडीएफसी बैंक लिमिटेड 6.7
आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड 4.91
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 3.92
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 3.29
भारती एयरटेल लिमिटेड 3.13
इन्फोसिस लिमिटेड 2.86
लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड 2.7
टेक महिंद्रा लिमिटेड 2.57
सैजिलिटी लिमिटेड 2.5
टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटेड 2.44

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टैक्स बेनेफिट और आसान निवेश

यह फंड ELSS है, इसलिए निवेशकों को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत हर वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। टैक्स छूट केवल ओल्ड टैक्स रिजीम में ही मिलता है।

फंड में न्यूनतम निवेश सिर्फ 500 रुपये है, जिससे यह नए और अनुभवी दोनों तरह के निवेशकों के लिए आसान है।

फंड में निवेश करने पर वर्तमान टैक्स नियमों के अनुसार 3 साल की लॉक-इन अवधि लागू होती है, यानी निवेश के तीन साल तक पैसे निकालना संभव नहीं होता।


(डिस्‍क्‍लेमर: यहां फंड्स के परफॉर्मेंस की डिटेल दी गई है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह निवेश की सलाह नहीं है। निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

First Published : February 18, 2026 | 4:40 PM IST