facebookmetapixel
Advertisement
Housing sale tier 2 cities: टियर-2 शहरों में भी खूब बिक रहे हैं महंगे मकानTCS का मार्केट कैप गिरा, ICICI बैंक ने पहली बार पार किया 10 ट्रिलियनNifty IT Stocks: 10 महीने के लो के पास IT स्टॉक्स, निवेशकों में बढ़ी चिंता; आखिर क्यों टूट रहा है सेक्टर?बैंकिंग सेक्टर में बड़ा मौका? एक्सिस डायरेक्ट ने बताए ये कमाई वाले स्टॉक्स, जान लें टारगेटभारत में डायबिटीज के लिए एक ही जांच पर ज्यादा निभर्रता जो​खिम भरी, विशेषज्ञों ने कहा- अलग HbA1c स्टैंडर्ड की जरूरतविदेश जाने वाले छात्रों की संख्या में 3 साल में 31% की भारी गिरावट, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान!डिपॉजिट धीमे, लेकिन बैंकों की कमाई तेज… क्या है अंदर की कहानी?जेनेरिक दवाओं की चुनौती के बीच भागेगा ये Pharma Stock! ब्रोकरेज ने बनाया टॉप पिकElon Musk ने किया xAI का बड़ा फेरबदल, कौन बना नई टीम का कप्तान?1 अप्रैल से लागू होंगे PAN के नए नियम, गाड़ी या प्रॉपर्टी खरीदने से पहले जानें नई लिमिट

दस वर्षों में पहली बार, पहली छमाही में मुद्रा प्रवाह घटा

Advertisement

31 मार्च, 2023 को मु्द्रा प्रवाह 33.78 लाख करोड़ रुपये था

Last Updated- October 08, 2023 | 10:37 PM IST
money

इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में मुद्रा प्रवाह (सीआईसी) घटा है और ऐसा पहली बार कम से कम बीते 10 वर्षों में पहली छमाही में हुआ है। 31 मार्च, 2023 को सीआईसी 33.78 लाख करोड़ रुपये था और यह 22 सितंबर को गिरकर 33.01 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस अवधि के दौरान 76,658 करोड़ रुपये का अंतर रहा। बीते दो वित्त वर्षों की पहली छमाही में सीआईसी बढ़ा था।

यह वित्त वर्ष 23 की पहली छमाही में 33,357 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 22 की पहली छमाही में 84,978 करोड़ रुपये बढ़ा था। कोविड के वर्ष वित्त वर्ष 21 में अप्रैल-सितंबर के दौरान बढ़कर 2.43 लाख करोड़ रुपये था।

इस वित्त वर्ष में 2000 रुपये के नोट वापस लिए जाने के कारण मुद्रा प्रवाह में प्रमुख तौर पर गिरावट आई। दरअसल, 2000 रुपये का नोट वापस लेने की घोषणा 10 मई को हुई थी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नवीनतम आंकड़े के अनुसार 3.46 लाख रुपये मूल्य के 2000 रुपये के नोट वापस आ गए हैं।

19 मई तक 2000 रुपये के 3.56 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा प्रचलन में थी और इसमें से करीब 96 फीसदी मुद्रा वापस आ गई है। इसका अर्थ यह है कि आरबीआई ने अप्रैल से सितंबर के दौरान 2.69 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा डाली थी।

इस दौरान सीआईसी गिरने का कारण यह था कि जितनी मुद्रा निकली थी, उससे कम डाली गई है। बैंकों में 2000 रुपये के जमा हुए नोटों में केवल 13 फीसदी के बदले धन लिया गया था और शेष राशि बैंक खाते में जमा हुई। बैंक खाते में जमा हुई राशि आरबीआई के खाते में गई।

केंद्रीय बैंक के क सूत्र ने बताया कि मुद्रा का प्रवाह कम होने में प्रमुख योगदान 2000 रुपये के नोट के वापस लिया जाना रहा। सूत्र के अनुसार, ‘बैंकों में 2000 रुपये का नोट जमा कराने के बाद लोगों ने कहीं कम राशि निकाली। इसका कारण यह है कि लोग अब पहले की तरह लेन-देने के लिए मुद्रा पर आश्रित नहीं हैं। डिजिटल लेन – देन बढ़ने के कारण यह सुनिश्चित हुआ कि इसका अर्थव्यवस्था पर कोई महत्त्वपूर्ण प्रभाव नहीं हुआ।’

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता ने कहा, ‘आरबीआई से उपलब्ध जानकारी के आधार पर 2000 रुपये के 87 फीसदी नोट खाते में जमा किए गए व शेष के बदले राशि ली गई। जमा की इस हिस्सेदारी के कारण मुद्रा का प्रवाह पर्याप्त रूप से गिर गया।

Advertisement
First Published - October 8, 2023 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement