facebookmetapixel
Advertisement
ITR Deadline: सिर्फ 31 तारीख ही नहीं, जुलाई के महीने में टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी हैं ये तारीखें भीAxis MF ने लॉन्च किया ‘Axis Account Plus’, कंपनियां अब खाली पड़े पैसे पर भी कमा सकेंगी रिटर्नबाहरी खतरों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत, लेकिन हर जोखिम पर रहेगी पैनी नजर: संजय मल्होत्राRBI FSR 2026: बाहरी झटकों के बावजूद घरेलू फाइनैंशियल सिस्टम मजबूत, AI आधारित साइबर हमले सबसे बड़ा खतराDelhi EV Policy: आपकी पेट्रोल-डीजल, CNG कार नहीं चलेगी? जानिए ऐसे 9 सवालों के जवाबExplainer: जमीन बेचने से हुई कमाई? जानें ‘लैंड सेल’ को लेकर क्या हैं टैक्स के नियम, नहीं तो होगी मुश्किलNoel Tata resign: एक हफ्ते में दूसरा बड़ा कदम, ट्रेंट के बाद वोल्टास को भी अलविदा कहेंगे नोएल टाटाJio IPO के पीछे का सीक्रेट मिशन! मुकेश अंबानी का ‘Project Jupiter’ क्या था?ITR Status Check: ITR फाइल के बाद खुद अपना इनकम टैक्स रिटर्न स्टेटस करें ट्रैक, जानें स्टेप-बाय-स्टेप आसान तरीकाNFO Alert: ICICI PRU MF की 2 नई स्कीम लॉन्च, ₹500 से हाइब्रिड और मल्टी एसेट फंड में निवेश का मौका

बाजार हलचल : बैंकिंग शेयरों ने तेजी के साथ की वित्त वर्ष की समाप्ति

Advertisement
Last Updated- April 02, 2023 | 10:45 PM IST
Stock to buy

बैंकिंग शेयरों ने वित्त वर्ष 2022-23 की समाप्ति उम्दा प्रदर्शन के साथ की और इसके सूचकांक में 12 फीसदी की उछाल दर्ज की गई जबकि बेंचमार्क एनएसई निफ्टी में 0.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी बैंक इंडेक्स ने पिछले सात वित्त वर्षों में से छह में ठीक-ठाक रिटर्न दिया है। इसका एकमात्र अपवाद महामारी वाला साल 2019-20 रहा जब इंडेक्स 37 फीसदी टूट गया था।

बैंकिंग शेयरों का प्रदर्शन 2023-24 में भी बेहतर रहने की उम्मीद है। बोफा सिक्योरिटीज ने कहा है, चूंकि कैलेंडर वर्ष 2023 में निफ्टी का प्रदर्शन डेट के मुकाबले कमजोर रह सकता है, ऐसे में किसी क्षेत्र की दिशा में अचानक परिवर्तन उम्दा रिटर्न पाने में अहम भूमिका निभाएगा।

हम पूंजीगत खर्च से जुड़े क्षेत्रों मसलन वित्तीय क्षेत्र पर अपना सकारात्मक नजरिया बरकरार रखे हुए हैं। उधारी की रफ्तार में इजाफा और शुद्ध‍ ब्याज मार्जिन को लेकर चिंता जरूरत से ज्यादा हो चुकी है।

अस्बा ट्रेड पर फैसले से ब्रोकरेज के शेयर बेफिक्र द्वि‍तीयक बाजार के लिए ऐप्लिकेशन सपोर्टेड बाइ ब्लॉक्ड अमाउंट (अस्बा) की बाजार नियामक सेबी की मंजूरी और क्लाइंट के फंडों की अपस्ट्रीमिंग के बाद भी ब्रोकरेज फर्मों के शेयर जमे रहे।

दोनों ही कदम ब्रोकरेज फर्मों की फ्लोट इनकम पर बड़ा असर डाल सकते हैं। विश्लेषकों ने कहा कि ब्रोकिंग शेयरों में इसलिए गिरावट नहीं आई क्योंकि सेबी के कदम अनुमान से कम सख्त थे।

उदाहरण के लिए अस्बा को वैकल्पिक रखा गया है। साथ ही सेबी ने फिक्स्ड डिप़ॉजिट के ग्रहणाधिकार के जरिये फंडों की अपस्ट्रीमिंग की इजाजत दी है, जिसका मतलब यह हुआ कि ब्रोकरेज फ्लोट इनकम हासिल करना जारी रखेंगे।

विश्लेषकों ने हालांकि चेतावनी दी है कि अस्बा के पूर्ण क्रियान्वयन से कुछ ब्रोकरेज की आय पर 20 फीसदी तक की चोट पड़ सकती है। इस दौरान ब्रोकरेज अपने कारोबारी मॉडल को दुरुस्त कर सकते हैं और यहां तक कि कीमतें बढ़ाने पर भी विचार कर सकते हैं।

एवलॉन टेक का ग्रे मार्केट प्रीमियम पड़ा फीका

आईपीओ से पहले एवलॉन टेक्नोलॉजिज का शेयर ग्रे मार्केट में 5 फीसदी से भी कम प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है, जो इस कैलेंडर वर्ष का चौथा आईपीओ है।

बाजार के प्रतिभागियों का हालांकि कहना है कि ग्रे मार्केट का वॉल्यूम प्राथमिक बाजार की रुक-रुककर हो रही गतिविधियों के कारण सुस्त है। एवलॉन टेक ने अपने 865 करोड़ रुपये के आईपीओ का कीमत दायरा 415 से 436 रुपये प्रति शेयर तय किया है।

कीमत दायरे के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन 2,847 करोड़ रुपये बैठता है। यह आईपीओ 3 अप्रैल को खुलकर 6 अप्रैल को बंद होगा। इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण सेवा कंपनी का शेयर अनधिकारिक ग्रे मार्केट में 450 से 460 रुपये पर कारोबार कर रहा है।

Advertisement
First Published - April 2, 2023 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement