facebookmetapixel
Realty Stock में बन सकता है 65% मुनाफा! Q3 नतीजों के बाद ब्रोकरेज सुपर बुलिश; कर्ज फ्री हुई कंपनीIndia-EU FTA: ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ में भारत के 93% से ज्यादा सामानों को 27 यूरोपीय देशों में ड्यूटी-फ्री एंट्रीBank Stock पर 3 ब्रोकरेज ने ₹1,500 का दिया टारगेट, शेयर 4% चढ़ा; खरीदें या मुनाफा काटें?GAIL Dividend 2026: गेल डिविडेंड 2026 को लेकर बड़ा संकेत, रिकॉर्ड डेट भी तयमोतीलाल ओसवाल ने इन 5 स्टॉक्स को बनाया फंडामेंटल पिक, 32% तक अपसाइड के दिये टारगेट6 साल बाद फिर नंबर 2! विदेशी निवेशकों की मेहरबानी से SBI का मार्केट कैप ₹9.60 लाख करोड़, ICICI Bank को पछाड़ाIndia-EU FTA: भारत-EU के बीच FTA पर साइन, पीएम मोदी ने किया ऐलानShadowfax Technologies IPO डिस्काउंट पर लिस्ट होगा? जानें लिस्टिंग डेट और क्या कहता है जीएमपीडिस्काउंट vs डिमांड: Maruti Suzuki की Q3 कहानी में कौन पड़ेगा भारी? चेक करें 4 ब्रोकरेज की रायIT Stock: शानदार नतीजों के बाद बनेगा रॉकेट! ब्रोकरेज ने BUY रेटिंग के साथ दिया 53% अपसाइड का टारगेट

बाजार हलचल : बैंकिंग शेयरों ने तेजी के साथ की वित्त वर्ष की समाप्ति

Last Updated- April 02, 2023 | 10:45 PM IST
Stock to buy

बैंकिंग शेयरों ने वित्त वर्ष 2022-23 की समाप्ति उम्दा प्रदर्शन के साथ की और इसके सूचकांक में 12 फीसदी की उछाल दर्ज की गई जबकि बेंचमार्क एनएसई निफ्टी में 0.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी बैंक इंडेक्स ने पिछले सात वित्त वर्षों में से छह में ठीक-ठाक रिटर्न दिया है। इसका एकमात्र अपवाद महामारी वाला साल 2019-20 रहा जब इंडेक्स 37 फीसदी टूट गया था।

बैंकिंग शेयरों का प्रदर्शन 2023-24 में भी बेहतर रहने की उम्मीद है। बोफा सिक्योरिटीज ने कहा है, चूंकि कैलेंडर वर्ष 2023 में निफ्टी का प्रदर्शन डेट के मुकाबले कमजोर रह सकता है, ऐसे में किसी क्षेत्र की दिशा में अचानक परिवर्तन उम्दा रिटर्न पाने में अहम भूमिका निभाएगा।

हम पूंजीगत खर्च से जुड़े क्षेत्रों मसलन वित्तीय क्षेत्र पर अपना सकारात्मक नजरिया बरकरार रखे हुए हैं। उधारी की रफ्तार में इजाफा और शुद्ध‍ ब्याज मार्जिन को लेकर चिंता जरूरत से ज्यादा हो चुकी है।

अस्बा ट्रेड पर फैसले से ब्रोकरेज के शेयर बेफिक्र द्वि‍तीयक बाजार के लिए ऐप्लिकेशन सपोर्टेड बाइ ब्लॉक्ड अमाउंट (अस्बा) की बाजार नियामक सेबी की मंजूरी और क्लाइंट के फंडों की अपस्ट्रीमिंग के बाद भी ब्रोकरेज फर्मों के शेयर जमे रहे।

दोनों ही कदम ब्रोकरेज फर्मों की फ्लोट इनकम पर बड़ा असर डाल सकते हैं। विश्लेषकों ने कहा कि ब्रोकिंग शेयरों में इसलिए गिरावट नहीं आई क्योंकि सेबी के कदम अनुमान से कम सख्त थे।

उदाहरण के लिए अस्बा को वैकल्पिक रखा गया है। साथ ही सेबी ने फिक्स्ड डिप़ॉजिट के ग्रहणाधिकार के जरिये फंडों की अपस्ट्रीमिंग की इजाजत दी है, जिसका मतलब यह हुआ कि ब्रोकरेज फ्लोट इनकम हासिल करना जारी रखेंगे।

विश्लेषकों ने हालांकि चेतावनी दी है कि अस्बा के पूर्ण क्रियान्वयन से कुछ ब्रोकरेज की आय पर 20 फीसदी तक की चोट पड़ सकती है। इस दौरान ब्रोकरेज अपने कारोबारी मॉडल को दुरुस्त कर सकते हैं और यहां तक कि कीमतें बढ़ाने पर भी विचार कर सकते हैं।

एवलॉन टेक का ग्रे मार्केट प्रीमियम पड़ा फीका

आईपीओ से पहले एवलॉन टेक्नोलॉजिज का शेयर ग्रे मार्केट में 5 फीसदी से भी कम प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है, जो इस कैलेंडर वर्ष का चौथा आईपीओ है।

बाजार के प्रतिभागियों का हालांकि कहना है कि ग्रे मार्केट का वॉल्यूम प्राथमिक बाजार की रुक-रुककर हो रही गतिविधियों के कारण सुस्त है। एवलॉन टेक ने अपने 865 करोड़ रुपये के आईपीओ का कीमत दायरा 415 से 436 रुपये प्रति शेयर तय किया है।

कीमत दायरे के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन 2,847 करोड़ रुपये बैठता है। यह आईपीओ 3 अप्रैल को खुलकर 6 अप्रैल को बंद होगा। इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण सेवा कंपनी का शेयर अनधिकारिक ग्रे मार्केट में 450 से 460 रुपये पर कारोबार कर रहा है।

First Published - April 2, 2023 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट