Categories: बाजार

भारत का बाजार पूंजीकरण नई ऊंचाई के करीब

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 1:40 AM IST

भारत का बाजार पूंजीकरण नई ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है, भले ही प्रमुख सूचकांक और बैंकिंग शेयर अपने रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं।
बुधवार को बीएसई पर सूचीबद्घ सभी कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण बढ़कर 160.1 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो साल के शुरू में दर्ज 160.6 लाख करोड़ रुपये के सर्वाधिक ऊंचे स्तरों से महज 0.5 प्रतिशत नीचे है।
पिछले दो कारोबारी सत्रों में नुकसान के बाद, बाजार पूंजीकरण अब घटकर 159 लाख करोड़ रुपये रह गया है, जो नए रिकॉर्ड बनाने के लिहाज से अभी भी एक प्रतिशत दूर है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि बाजार पूंजीकरण नई ऊंचाई के नजदीक है, भले ही निफ्टी 17 जनवरी के 12,352 के अपने सर्वाधिक ऊंचे स्तरों से 6 प्रतिशत नीचे बना हुआ है। इसके अलावा, बैंकिंग शेयर भी अपने दिसंबर-जनवरी स्तरों से काफी नीचे हैं। इन शेयरों का भारत के बाजार पूंजीकरण में बड़ा योगदान रहा है। बैंंक निफ्टी शुक्रवार को 22,031 पर बंद हुआ जो सके 32,613 के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर के मुकाबले 32 प्रतिशत नीचे है।
इसलिए, सवाल उठाता है कि किन कारणों से बाजार नई ऊंचाइयों के नजदीक पहुंचा है? रिलायंस इंडस्टीज के शेयर और हेल्थकेयर तथा टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में शानदार तेजी का इसमें बड़ा योगदान रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि सिर्फ कुछ लार्ज-कैप के दम पर ही बाजार पूंजीकरण जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। वहीं मौजूदा समय में हम शेयर भागीदारी में व्यापक दायरा देख रहे हैं।
आईडीबीआई कैपिटल में शोध प्रमुख एके प्रभाकर ने कहा, ‘यह तेजी अब 2020 के शुरू के मुकाबले ज्यादा व्यापक है। जनवरी में, कई शेयरों ने बाजार की तेजी को बढ़ावा दिया था। आकर्षक बात यह है कि बैंकिंग सूचकांक अभी भी अपने ऊंचे स्तरों से नीचे बना हुआ है। मौजूदा समय में, दूरसंचार, फार्मा, आईटी जैसे दिग्गजों के तौर पर नए क्षेत्र उभर रहे हैं।’
जून से, निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 54 प्रतिशत बढ़ा है और निफ्टी मिडकैप 100 में 32 प्रतिशत की तेजी आई है। तुलनात्मक तौर पर, निफ्टी 50 सूचकांक समान अवधि के दौरान 21 प्रतिशत चढ़ा।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज में रिटेल शोध के उपाध्यक्ष सिद्घार्थ खेमका ने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों में शानदार प्रदर्शन करने के बाद लार्जकैप दीर्घावधि औसत के मुकाबले मिड और स्मॉलकैप की तुलना में महंगे मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं। इससे प्रमुख बाजार में भारी तेजी का आधार तैयार हुआ है। शुरू में, इसे लेकर आशंका थी कि व्यवसाय लॉकडाउन से नहीं उबर पाएंगे, लेकिन ऐसा कम हुआ।’
बाजार नियामक सेबी द्वारा म्युचुअल फंड मल्टीकेप योजनाओं को मिड और स्मॉलकैप की होल्डिंग बढ़ाने का निर्देश दिए जाने के बाद इस सप्ताह, प्रमुख बाजार सूचकांकों में और मजबूती आई।
इस सप्ताह निफ्टी स्मॉलकैप 100 और मिडकैप 100 सूचकांक 6 प्रतिशत और 5 प्रतिशत चढ़े, जबकि निफ्टी सिर्फ 0.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज करने में कामयाब रहा।
यदि बाजार मौजूदा स्तरों से एक प्रतिशत और चढ़ता है तो भारत उन वैश्विक बाजारों की जमात में शामिल हो जाएगा जो महामारी के बाद नई बाजार पूंजीकरण ऊंचाई दर्ज कर चुके हैं।

First Published : September 18, 2020 | 11:42 PM IST