अंतरराष्ट्रीय

बांग्लादेश में छात्र नेता की हत्या पर उबाल, भारतीयों के ‘वर्क परमिट’ रद्द करने की मांग

छात्र नेता की हत्या के बाद बांग्लादेश में रैलियां निकाली जा रही हैं और भारत में शरण लेने के आरोपियों की वापसी व भारतीय नागरिकों के वर्क परमिट रद्द करने की मांग उठाई जा रही है

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भाषा   
Last Updated- January 06, 2026 | 10:55 PM IST

छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर मंगलवार को ढाका में रैली निकाली गई। रैली में बांग्लादेश में रहने वाले सभी भारतीयों के ‘वर्क परमिट’ रद्द करने सहित अन्य कदमों की मांग की गई। ‘ढाका ट्रिब्यून’ अखबार के अनुसार, ‘इंकलाब मंच’ ने अपनी चार सूत्री मांगों के तहत उन कथित हत्यारों की वापसी की भी मांग की है, जिनके बारे में उसका दावा है कि उन्होंने भारत में शरण ली है। 

इस बीच, इस पड़ोसी देश में एक और हिंदू कारोबारी की हत्या कर दी गई। इससे पहले सोमवार को भी खुलना मंडल में जेस्सोर के केशबपुर उपजिला में अरुआ गांव निवासी 38 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी के सिर में अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

हादी की पार्टी का कहना है कि यदि भारत हत्या के आरोपियों को सौंपने से इनकार करता है तो बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रुख करना चाहिए। भारतीय अधिकारियों ने हादी के हत्यारों के भारत में घुसने के दावों को खारिज करते हुए कहा था कि अवैध सीमा पार करने का कोई सबूत नहीं है। 

बांग्लादेश पुलिस ने हादी की हत्या का कारण राजनीतिक प्रतिशोध बताया और कहा कि यह जघन्य अपराध अवामी लीग के इशारे पर किया गया। 

First Published : January 6, 2026 | 10:55 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)