गोल्डमैन सैक्स ने भारतीय इक्विटी बाजारों की रेटिंग एक पायदान तक घटाकर ‘मार्केट वेट’ कर दी है और इसके लिए इस साल आई भारी तेजी को जिम्मेदार बताया है। एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट सूचकांक में 0.76 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले, भारतीय शेयरों में आसान मौद्रिक नीति, टीकाकरण में तेजी और अर्थव्यस्था के फिर से खुलने से 2021 में करीब 28 प्रतिशत की तेजी आई है।
मूल्यांकन में बड़ी तेजी को देखते हुए कई अन्य ब्रोकरों जैसे मॉर्गन स्टैनली, नोमुरा और यूबीएस को भी बाजार पर अपनी रेटिंग घटाने के लिए आगे आना पड़ा है। गोल्डमैन सैक्स ने अपनी एक शोध रिपोर्ट में कहा है, ‘हमारा माननना है कि भारतीय इक्विटी के लिए रिस्क-रिवार्ड मौजूदा स्तरों पर कम आकर्षक है।’ अगले साल संभावित मजबूत चक्रीय और लाभकारी सुधार मौजूदा ऊंचे मूल्यांकनों पर सकारात्मक हैं, जबकि बाजार को ऊंची तेल कीमतों और घरेलू तथा अमेरिका में मौद्रिक नीति की सख्ती जैसे उभरते वृहद दबाव से जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
गोल्डमैन सैक्स ने अपनी 11 नवंबर की एशिया-पैसीफिक पोर्टफोलियो स्ट्रेटेजी रिपोर्ट में कहा है, ‘हमारा मानना है कि भारतीय बाजार अगले 3-6 महीनों में समेकित हो सकते हैं और कुछ हद तक कमजोर प्रदर्शन कर सकते हैं।’