अप्रैल-जून तिमाही में गुजरात इंटरनैशनल फाइनैंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) में फंड प्रबंधन का दायरा लगातार बढ़ा है। इंटरनैशनल फाइनैंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) में गैर-रिटेल योजनाओं के जरिये जुटाई गई कुल रकम 30 जून तक बढ़कर 22.93 अरब डॉलर हो गई, जो मार्च के आखिर में 19.51 अरब डॉलर थी। कुल प्रतिबद्धताएं 39.09 अरब डॉलर से बढ़कर 45.08 अरब डॉलर हो गईं, जबकि किया गया निवेश 19.67 अरब डॉलर से बढ़कर 21.05 अरब डॉलर हो गया।
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) के ताजा तिमाही बुलेटिन के अनुसार, फंड मैनेजमेंट एंटिटीज (एफएमई) की संख्या पिछली तिमाही के 217 से बढ़कर 235 हो गई, जबकि फंड और योजनाओं की संख्या 360 से बढ़कर 401 हो गई। निवेशकों की भागीदारी में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई, जिसका मुख्य कारण रिटेल निवेशक थे। आईएफएससी फंड स्कीम में निवेशकों की कुल संख्या मार्च में 9,594 से बढ़कर जून में 16,150 हो गई।
रिटेल स्कीम में निवेश करने वालों की संख्या 3,438 से बढ़कर 8,467 हो गई, जो इस तिमाही में हुई कुल बढ़ोतरी का आधे से ज्यादा हिस्सा है। रिटेल फंड प्रबंधन का काम कुल मिलाकर तो कम ही रहा, लेकिन इस तिमाही में इसमें बढ़ोतरी हुई। रिटेल स्कीम के तहत कुल 8.732 करोड़ डॉलर का निवेश किया गया, जिसमें से 1.878 करोड़ डॉलर भारत में और 6.854 करोड़ डॉलर विदेशी जगहों पर निवेश किए गए। इस तिमाही में ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर्स (जीएपी) के ग्राहक आधार में भी तेज बढ़ोतरी हुई। ये प्रोवाइडर्स आईएफएससी के जरिये विदेशी प्रतिभूतियों तक पहुंचने में मदद करते हैं।
जून तक जीएपी से जुड़े ग्राहकों की संख्या 29.9 लाख थी, जबकि मार्च के आखिर में यह संख्या 25.1 लाख थी। इससे पता चलता है कि गिफ्ट आईएफएससी के जरिये अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने के लिए जीएपी चैनल निवेशकों के बीच एक अहम जरिया बनकर उभर रहा है। जून के आखिर में आईएफएससी में 18 जीएपी काम कर रहे थे।