भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू ने गुरुवार को गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों से धन के स्रोतों में विविधता लाने को कहा है। उन्होंने कहा कि वृद्धि के एक नए चरण में प्रवेश कर रहे इस क्षेत्र में बाजार की धारणा में बदलाव के प्रति भेद्यता कम करने के लिए यह इस क्षेत्र के लिए जरूरी है।
मुर्मू ने मुंबई में 7वें एनबीएफसी और एचएफसी सम्मेलन में कहा, ‘संस्थानों को अपने धन स्रोतों में विविधता लानी चाहिए। एक गहरा, लिक्विड कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार इसमें मदद करेगा।’ पिछले दौर के नकदी संकट से परिसंपत्ति देयता प्रबंधन में कमजोरियों व अल्पकालिक थोक वित्तपोषण पर क्षेत्र की निर्भरता सामने आईं थी।
इससे यह भी सामने आया कि एनबीएफसी क्षेत्र को व्यापक वित्तीय व्यवस्था से गहरे संबंधों और मजबूत प्रशासन की जरूरत है। मुर्मू ने इस क्षेत्र में सिक्योरिटाइजेशन की भूमिका को और अधिक बढ़ाने का भी आह्वान किया, ताकि इसे केवल नकदी प्रबंधन उपकरण के रूप में उपयोग करने से आगे बढ़कर जोखिम हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाने और पूंजी जारी करने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा, ‘सिक्योरिटाइजेशन को जोखिम हस्तांतरण और पूंजी मुक्त करने का एक वास्तविक तरीका बनना चाहिए।’