हाल में बनाई गई फ्लेक्सी-कैप फंड श्रेणी 11 लाख करोड़ रुपये के इक्विटी म्युचुअल फंड क्षेत्र में सबसे दमदार श्रेणी के तौर पर उभर रही है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्लेक्सी-कैप फंड की जबरदस्त सफलता से उत्साहित होकर अन्य म्युचुअल फंड भी इस श्रेणी में नई फंड पेशकश (एनएफओ) लाने की तैयारी कर रहे हैं। उद्योग प्रतिभागियों का कहना है कि फ्लेक्सी-कैप श्रेणी इक्विटी म्युचुअल फंड क्षेत्र की सबसे बड़ी श्रेणी के रूप में उभर सकती है।
पिछले सप्ताह आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्लेक्सी-कैप के एनएफओ ने रिकॉर्ड 10,200 करोड़ रुपये जुटाए। इस बीच, निप्पॉन इंडिया एमएफ ने मंगलवार को निप्पॉन इंडिया फ्लेक्सी-कैप फंड को लॉन्च करने की घोषणा की और आईटीआई एमएफ ने एक फ्लेक्सी-कैप योजना के लिए बाजार नियामक सेबी के पास पेशकश दस्तावेज जमा कराए हैं। जून के अंत तक फ्लेक्सी-कैप श्रेणी की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) 1.76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई थीं। यह लार्ज-कैप श्रेणी की 1.95 लाख करोड़ रुपये की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों के मुकाबले दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
फ्लेक्सी-कैप योजनाओं में फंड मैनेजर के पास किसी भी न्यूनतम निवेश सीमा के बिना स्मॉल-कैप, मिड-कैप, लार्ज-कैप और माइक्रो-कैप में बदलाव करने का लचीलापन होता है। उद्योग पर नजर रखने वाले लोगों का कहना है कि नई योजनाओं के लॉन्च और लार्ज-कैप शेयरों के कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए ऐसा लगता है कि एयूएम के संदर्भ में केवल फ्लेक्सी-कैप योजनाएं कुछ समय बाद शीर्ष पायदान पर पहुंच जाएंगी।
बाजार नियामक सेबी ने सितंबर 2020 में मल्टी-कैप योजनाओं की विशेषताओं को संशोधित करने के बाद पिछले नवंबर की इसकी शुरुआत की थी। मल्टी-कैप योजनाओं के लिए कम से कम 25 फंड का निवेश लार्ज, मिड एवं स्मॉल-कैप स्टॉक में करने के लिए अनिवार्य किया गया है। बाजार में व्यापक तौर पर तेजी को देखते हुए फ्लेक्सी-कैप फंडों ने उत्साहजनक रिटर्न दिया है और वे दमदार निवेश को आकर्षित करने में समर्थ हैं। पिछले चार महीनों के दौरान फ्लेक्सी-कैप फंडों ने लगभग 3,700 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया है। इस श्रेणी की परिसंपत्ति जनवरी में 75,614 करोड़ रुपये थी जो बढ़कर जून में 1.76 लाख करोड़ रुपये हो गई।
फ्लेक्सी-कैप फंडों ने पिछले साल औसतन 52 फीसदी का रिटर्न दिया और इस प्रकार उसका प्रदर्शन लार्ज-कैप फंडों से बेहतर रहा जिसने 46 फीसदी की रिटर्न दिया। इसके मुकाबले सेंसेक्स में महज 41 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। बीओआई एक्सा फ्लेक्सी-केप फंड और पीजीआईएम इंडिया फ्लेक्सी-कैप फंड जैसे फंडों ने पिछले एक साल के दौरान क्रमश: 74.23 फीसदी और 69.84 फीसदी का रिटर्न दिया है। सलाहकार भी निवेशकों को फ्लेक्सी-कैप श्रेणी पर गौर करने के लिए भी कह रहे हैं।