फंड प्रबंधक इक्विटी-आधारित योजनाओं में मजबूत प्रवाह के बीच सितंबर में वित्तीय शेयरों में खरीदारी करते दिखे थे। एचडीएफसी, एसबीआई लाइफ, एसबीआई काड्र्स और ऐक्सिस बैंक उन शेयरों में शामिल थे, जिनमें ज्यादा निवेश हासिल हुआ था। एक महीने के दौरान इन शेयरों में 5,200 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ। मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट ने 1,992 करोड़ रुपये का सर्वाधिक निवेश हासिल किया, भले ही यह शेयर सितंबर में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट का शिकार हुआ। निजी इक्विटी कंपनी केकेआर ने इसमें करीब 7 प्रतिशत का निवेश घटाया, जिससे फंड प्रबंधकों को इस शेयर में अपना निवेश बढ़ाने का मौका मिला। मिडकैप श्रेणी में वोडाफोन आइडिया में अच्छी खरीदारी हुई और उसका शेयर दूरसंचार क्षेत्र के लिए सरकारी राहत के बाद करीब दोगुना हो गया। उसके अलावा भारत फोर्ज और बाटा इंडिया में भी तेजी दर्ज की गई।
स्मॉलकैप श्रेणी में, कैन फिन होम्स और अरविंद फैशन ज्यादा खरीदारी वाले शेयर थे। इस बीच फंड प्रबंधक आईआरसीटीसी में मुनाफावसूली करते दिखे। सरकार के स्वामित्व वाली इस कंपनी का शेयर इस साल करीब चार गुना चढ़ा है। भारती एयरटेल में उसके राइट इश्यू से पहले 5,225 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई। विश्लेषकों का कहना है कि फंड प्रबंधकों ने उसके राइट इश्यू को खरीदने के लिए अपने शेयरों की बिक्री की। एचडीएफसी लाइफ और रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) भी ज्यादा बिक्री वाली सूची में शामिल रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप श्रेणी में कैम्स और ग्रन्युलस इंडिया ज्यादा बिक्री वाले शेयर थे। सितंबर में इक्विटी एमएफ ने 8,670 करोड़ रुपये का प्रवाह आकर्षित किया, जबकि उन्होंने शेयरों में 7,100 करोड़ रुपये लगाए।