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रिलायंस इंडस्ट्रीज पर विदेशी ब्रोकरेज का तेजी का नजरिया

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Last Updated- December 15, 2022 | 12:38 PM IST

रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर मंगलवार को बीएसई पर दो फीसदी चढ़कर 1,647.85 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गया। वित्त वर्ष 2020-21 में इस शेयर का प्रदर्शन एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स के मुकाबले बेहतर रहा है। एक ओर जहां इस अवधि में आरआईएल का शेयर 15 जून तक 46.5 फीसदी चढ़ा, वहीं सेंसेक्स में 13 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। ऐस इक्विटी के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। मार्च 2020 के हालिया निचले स्तर से तुलना करें तो शेयर में करीब 80 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
मुकेश अंबानी की फर्म की तरफ से अपनी सहायक में एक के बाद एक 10 विदेशी निवेश हासिल करने की क्षमता का भी हालिया तेजी पर असर पड़ा है। जियो प्लेटफॉर्म ने 13 जून तक 1.04 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह रकम अग्रणी वैश्विक निवेशकों फेसबुक, सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडला, एडीआईए, टीपीजी और एल कैटरटन जुटाई गई।
शेयर कीमतों में तेजी शायद अभी बनी रह सकती है। मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक, कई चीजें मसलन परिसंपत्ति बिक्री, ऊर्जा क्षेत्र के नकदी प्रवाह में तेजी, ओम्नी चैनल रिटेल में इजाफा और दूरसंचार में औसत राजस्व प्रति ग्राहक में इजापा इस शेयर को और आगे ले जा सकता है। इस फर्म के इक्विटी विश्लेषक मयंक माहेश्वरी ने पराग गुप्ता और एस गोविल के साथ 16 जून की रिपोर्ट में कहा है, एक साल आगे का पीई और पीबी अब सर्वोच्च स्तर वाले चक्र के करीब है, लेकिन इक्विटी पर रिटर्न और आय में बढ़त की रफ्तार एतिहासिक व समकक्ष कंपनियों से काफी ज्यादा है।
कौन सी चीजें शेयर को आगे बढ़ाएंगी?
माहेश्वरी ने कहा, करीब 14 अरब डॉलर की परिसंपत्तियों की बिक्री और 53,000 करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू के बाद बाकी परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से शुद्ध कर्ज घटकर शून्य के करीब रह जाएगा।
उन्होंने कहा, खुदरा र्ईंधन स्टेशन की 50 फीसदी हिस्सेदारी बीपी को बेचने, जियो प्लेटफॉर्म की हिस्सेदारी बिक्री पूरा होने और टावर इनविट की हिस्सा बिक्री, ऊर्जा के स्थिर इस्तेमाल से सकारात्मक नकदी प्रवाह आदि को देखते हुए हमें अगले नौ महीने में कर्ज में संभावित तौर पर करीब 22 अरब डॉलर की कटौती होगी। तेल से लेकर रसायन कारोबार की हिस्सेदारी बिक्री सउदी अरामको को करने और राइट्स इश्यू की बाकी रकम मिलने से देनदारी और कम होगी।
गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि फर्म के ग्रॉसरी रिटेल ग्रॉस मर्केंडाइज वैल्यू (जीएमवी) वित्त वर्ष 29 में 83 अरब डॉलर होगा, जो वित्त वर्ष 20 में 5 अरब डॉलर रहा क्योंकि स्टोर का लगातार विस्तार होगा और ऑफलाइन ग्रॉसरी बाजार हिस्सेदारी बढ़ेगी। साथ ही ऑनलाइन ग्रॉसरी में भी तेजी से विस्तार होगा। इसके अतिरिक्त उनका अनुमान है कि खुदरा कारोबार के एबिटा की रफ्तार वित्त वर्ष 20 से 29 के बीच 5.6 गुना बढ़ेगी।
सीएलएसए का नजरिया इस शेयर पर तेजी का है और उसका कहना है कि ई-कॉमर्स की कामयाबी, इनविट की हिस्सेदारी बिक्री पूरा होने, जियो की और हिस्सेदारी बिकने और अरामको के साथ सौदे पर प्रगति पर आगे बढ़त निर्भर करेगी।
सीएलएसए के विकास कुमार जैन और सूरजदेव यादव ने 26 मई की रिपोर्ट में कहा है, फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप के साथ जियोमार्ट के लिए हालिया साजेदारी से मुद्रीकरण के मौके बढ़ेंगे। मॉर्गन स्टैनली ने 1,801 रुपये के लक्ष्य के साथ इस शेयर पर ओवरवेट नजरिया बनाए रखा है, वहीं गोल्डमैन सैक्स ने 12 महीने के लिए 1,755 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीद की सलाह दी है।

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First Published - June 16, 2020 | 11:58 PM IST

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