बेंचमार्क असेट मैनेजमेंट भारत का पहला शरिया के अनुकूल एक्सचेंज ट्रेडेड फंड शुरू करेगा। इसकी शुरुआत चार फरवरी को होगी।
फंड के ईडी राजन मेहता के मुताबिक इस फंड की शुरुआत कुछ फंडों के विस्तार के तहत किया जा रहा है। शरिया कानून के तहत मुस्लिमों पर ब्याज लेने पर पाबंदी है।
इसके अलावा शराब, तम्बाकू, पोर्नोग्राफी, जुआ, गैर इस्लामी फाइनेंस और जीवन बीमा जैसे धंधों में लगी कंपनियों में निवेश पर पाबंदी है।
फर्म के प्रोडेक्ट नोट के मुताबिक शरिया बेंचमार्क एक्सचेंज ट्रेडेड स्कीम एस ऐंड पी शरिया इंडेक्स को ट्रैक करेगी जिसमें 37 स्टॉक हैं और जो एनएसई में सूचीबध्द शेयरों के कैपिटलाइजेशन को रीप्रेसेन्ट करते हैं।
एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ भी व्यक्तिगत शेयरों की तरह ही ट्रेड किए जाते हैं और निवेशक इन शेयरों को खरीदे बिना ही इस शेयरों का फायदा उठा सकता है।
फिलहाल भारत मे इस तरह के ईटीएफ का कन्सेप्ट नया है और भारत के कुल 4.1 खरब रुपए के म्युचुअल फंड उद्योग में इसकी हिस्सेदारी 0.6 फीसदी की है।
इसके अलावा स्टॉक फंडों में घटते निवेश और कमजोर बाजार का भी इस तरह के फंडों पर असर पड़ रहा है। जाहिर है पिछले एक साल में शेयर बाजार 50 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।
मेहता के मुताबिक इस तरह के फंड शुरुआत में धीमे हो सकते हैं लेकिन जैसे जैसे बाजार में सुधार आएगा और शरिया फंड के बारे में लोगों की जानकारी बढ़ेगी इसमें निवेशकों की रुचि भी बढ़ेगी।
भारत की कुल 1.1 अरब की आबादी में मुस्लिमों की हिस्सेदारी 13 फीसदी के करीब है। इस लिहाज से यह पाकिस्तान और इंडोनेशिया के बाद यहां तीसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी है। मेहता को उम्मीद है कि भारत में निवेश की संभावनाएं तलाश रहे विदेशी भी इस तरह के फंड के प्रति आकर्षित होंगे।