पश्चिम एशिया तनाव और तेल संकट के बीच भारत तेजी से अपनी ऊर्जा रणनीति बदल रहा है। Emkay की रिपोर्ट के मुताबिक, देश अब साफ तौर पर फॉसिल फ्यूल से हटकर रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की तरफ बढ़ रहा है, और यही आने वाले समय का सबसे बड़ा निवेश अवसर भी बन सकता है।
भारत ने 2030 तक 500GW रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 275GW क्षमता पहले ही हासिल की जा चुकी है। यानी आधे से ज्यादा सफर तय हो चुका है। आने वाले समय में बिजली की मांग तेजी से बढ़कर 1800 से 2000 TWh तक पहुंच सकती है, जिसे पूरा करने में रिन्यूएबल बड़ी भूमिका निभाएगा।
लेकिन असली समस्या क्षमता नहीं, बल्कि उसे सही जगह तक पहुंचाने की है। ट्रांसमिशन लाइन की कमी, जमीन अधिग्रहण में देरी और परमिशन की दिक्कतों के कारण कई प्रोजेक्ट अटक रहे हैं। गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में तो हालात ऐसे हैं कि बिजली बनने के बावजूद उसे इस्तेमाल नहीं किया जा पा रहा।
रिपोर्ट कहती है कि बैटरी स्टोरेज यानी BESS और बेहतर ग्रिड सिस्टम इस समस्या का हल हो सकते हैं। जैसे ही ये तकनीक मजबूत होगी, रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल और तेज हो जाएगा। इसके साथ ही RTC, हाइब्रिड और नई पावर टेक्नोलॉजीज पर निवेश बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में बिजली सप्लाई ज्यादा स्थिर होगी।
कई प्रोजेक्ट्स के लिए अभी तक पावर खरीद समझौते नहीं हुए हैं, जिससे कंपनियों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। DISCOM कंपनियां भी वित्तीय दबाव में हैं, इसलिए नए कॉन्ट्रैक्ट साइन करने में सावधानी बरत रही हैं। छोटे डेवलपर्स के लिए जमीन और फंडिंग बड़ी चुनौती बनी हुई है, जबकि बड़े खिलाड़ी पहले से जमीन खरीदकर खुद को सुरक्षित कर चुके हैं।
भारत के पास अभी सिर्फ 5 से 6 दिन का स्ट्रेटेजिक तेल भंडार है, जो वैश्विक मानकों के हिसाब से बहुत कम है। सरकार इसे बढ़ाकर 2032 तक करीब 22 दिन और 2040 तक 30 दिन करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए बड़े पैमाने पर निवेश और नई स्टोरेज सुविधाएं बनाई जा रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की LPG जरूरत का 55% हिस्सा अभी भी पश्चिम एशिया से आता है और स्टॉक सिर्फ 20 दिन का है। अगर सप्लाई बाधित होती है, तो स्थिति जल्दी बिगड़ सकती है। इसे सुधारने के लिए सरकार PNG कनेक्शन बढ़ाने और स्टोरेज क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है, लेकिन इसमें समय लगेगा।
इस पूरे बदलाव के बीच Emkay ने कुछ कंपनियों को खरीदने की सलाह दी है, जो इस सेक्टर में मजबूत स्थिति में हैं। EV सेक्टर में Ather Energy और TVS Motors को मजबूत दावेदार माना गया है, जहां इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग तेजी से बढ़ रही है। रिन्यूएबल और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में Waaree Energies, Voltamp Transformers और Adani Green Energy को फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि ये कंपनियां सोलर, ट्रांसमिशन और ग्रीन पावर में बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
| कंपनी का नाम | रेटिंग | मार्केट कैप (₹ अरब) | मौजूदा कीमत (₹) | टारगेट (₹) | संभावित अपसाइड (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| Ather Energy | BUY | 286 | 749 | 1000 | 33.5 |
| TVS Motors | BUY | 1621 | 3413 | 4500 | 31.9 |
| Voltamp Transformers | BUY | 84 | 8301 | 10000 | 20.5 |
| Waaree Energies | BUY | 882 | 3065 | 4260 | 39.0 |
| Adani Green Energy | BUY | 1345 | 816 | 1350 | 65.3 |
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)