बीएसई लिमिटेड के शेयर में मंगलवार को 6.3 फीसदी की तेजी आई और यह करीब 3,172 के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर बंद हुआ। निवेशकों ने दिसंबर 2025 तिमाही में परिचालन के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन और एक्सचेंज के डेरिवेटिव कारोबार में निरंतर रफ्तार को हाथोहाथ लिया।
तीसरी तिमाही में बीएसई ने राजस्व और मुनाफे में भारी उछाल दर्ज की तो शेयर में तेजी आ गई। यह उछाल मुख्य रूप से बढ़ते ऑप्शंस मार्केट शेयर और उद्योग के वॉल्यूम में सुधार के कारण बढ़े हुए लेनदेन से प्राप्त आय की वजह से आई। लेनदेन से होने वाला राजस्व बीएसई के कुल राजस्व का करीब 77 फीसदी है। ऑप्शन सेगमेंट में लगातार वृद्धि के कारण तिमाही आधार पर यह 26 फीसदी बढ़ गया।
बीएसई की ऑप्शन प्रीमियम बाजार में हिस्सेदारी दिसंबर तिमाही में बढ़कर 26.8 फीसदी हो गई, जो सितंबर तिमाही में 24.4 फीसदी थी। प्रीमियम का रोजाना का औसत कारोबार मूल्य (एडीटीवी) पिछली तिमाही की तुलना में 30 फीसदी बढ़कर लगभग 19,500 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के एक नोट के अनुसार, जनवरी 2026 तक बाजार हिस्सेदारी और बढ़कर करीब 30 फीसदी हो जाएगी।
कोलोकेशन से होने वाली आय करीब 48 करोड़ रुपये पर स्थिर रही। एक्सचेंज ने कहा कि वह मार्च तिमाही तक 20 और रैक जोड़ने की योजना बना रहा है जिससे कुल क्षमता 500 रैक तक पहुंच जाएगी और भविष्य में होने वाली वृद्धि को सहारा मिलेगा। ब्रोकरेज फर्मों ने डेरिवेटिव सेगमेंट में उम्मीद से बेहतर वॉल्यूम को ध्यान में रखते हुए आय अनुमानों में 5 से 10 फीसदी का इजाफा किया है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने वित्त वर्ष 2025-28 के दौरान राजस्व और प्रति शेयर आय में क्रमशः 30 फीसदी और 36 फीसदी की वृद्धि का अनुमान लगाया है और शेयर पर ‘ऐड’ रेटिंग देते हुए संशोधित लक्ष्य 3,310 रुपये रखा है। वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने ज्यादा ऑप्शंस वॉल्यूम का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2026- 2028 के लिए अपने आय अनुमानों को 5 से 15 फीसदी तक बढ़ा दिया है। लेकिन वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित आय के 38 गुना के आधार पर करीब 3,350 की लक्षित कीमत के साथ शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दोहराई है।