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भारत-अमेरिका ट्रेड डील में डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत का वादा, शुल्क मुक्त ई-ट्रांसमिशन पर होगी बात!

इस फैक्ट शीट को भारतीय समयानुसार मंगलवार को जारी किया गया। उसमें यह भी कहा गया है कि भारत डिजिटल सेवा कर को खत्म कर देगा

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श्रेया नंदी   
Last Updated- February 10, 2026 | 10:52 PM IST

भारात-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के संदर्भ में अमेरिका की ओर से जारी एक फैक्ट शीट के अनुसार, भारत ने द्विपक्षीय डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत करने का वादा किया है। इसमें ई-कॉमर्स इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर लगने वाले सीमा शुल्क पर रोक संबंधी नियम भी शामिल हैं।

इस फैक्ट शीट को भारतीय समयानुसार मंगलवार को जारी किया गया। उसमें यह भी कहा गया है कि भारत डिजिटल सेवा कर को खत्म कर देगा। उसमें कहा गया है, ‘भारत अपने डिजिटल सेवा कर को हटा देगा। उसने द्विपक्षीय डिजिटल व्यापार के मजबूत नियमों पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। ये नियम भेदभावपूर्ण अथवा बोझिल चलन और डिजिटल व्यापार की अन्य बाधाओं को दूर करेंगे, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर लगने वाले सीमा शुल्क पर रोक संबंधी नियम भी शामिल है।’

निश्चित तौर पर भारत ने अमेरिका की व्यापार चिंताओं को दूर करने के लिए विदेशी कंपनियों द्वारा प्रदान की जाने वाली ऑनलाइन विज्ञापन सेवाओं पर 6 फीसदी डिजिटल सेवा कर अथवा इक्वलाइजेशन लेवी को 1 अप्रैल से खत्म कर दिया है। मगर भारत सरकार के अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या अमेरिका के बयान का मतलब यह समझा जाए कि भारत ने भविष्य में भी इस तरह का कर न लगाने की प्रतिबद्धता जताई है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के संबंध में ​शनिवार को जारी एक संयुक्त बयान के बाद अमेरिका की ओर से यह फैक्ट शीट जारी की गई है। उसमें कहा गया है कि रूस से कच्चे तेल की खरीद बंद करने की भारत की प्रतिबद्धता के मद्देनजर उस पर लगाए गए 25 फीसदी जुर्माना शुल्क को हटा दिया गया है। भारत पर जवाबी शुल्क को भी घटाकर 18 फीसदी कर दिया जाएगा और इसके जल्द ही लागू होने की उम्मीद है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि भारत वास्तव में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर सीमा शुल्क हटाने के लिए तैयार है या नहीं। मगर अमेरिका का दावा है कि इसके लिए नियम बनाए जाएंगे।

व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अगर अमेरिकी दबाव में झुक जाता है तो विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में इस मुद्दे पर उसकी स्थिति कमजोर पड़ जाएगी। डब्ल्यूटीओ की एक मोहलत के तहत सीमा पार ई-कॉमर्स लेनदेन पर सीमा शुल्क नहीं लगाया जाता है।

डब्ल्यूटीओ के सदस्य देशों ने करीब दो दशक से इस मोहलत को आगे बढ़ाने के लिए समय-समय पर सहमति जताई है। मगर इस मुद्दे पर उनकी राय अलग-अलग रही है। भारत जैसे विकासशील देश इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर सीमा शुल्क लगाने के लिए नीतिगत गुंजाइश पर जोर दे रहे हैं। उनका कहना है कि मोरेटोरियम ने उनके राजस्व संग्रह पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।

व्यापार अर्थशास्त्री विश्वजित धर ने कहा कि डिजिटल व्यापार पर अमेरिका के बयान का मतलब यह भी हो सकता है कि भारत ने ऐसा वादा किया हो कि वह आगे चलकर ऐसा कोई कर नहीं लाएगा।

एक अन्य व्यापार विशेषज्ञ ने कहा कि अगर भारत इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर सीमा शुल्क न लगाने के लिए तैयार है तो यूरोपीय संघ सहित अन्य व्यापार साझेदार भी ऐसी मांग करेंगे। इससे डब्ल्यूटीओ में इस मुद्दे पर भारत का रुख भी कमजोर पड़ जाएगा।

साल 2024 में आयोजित डब्ल्यूटीओ के मंत्रिस्तरीय बैठक में सदस्य देश अगले मंत्रिस्तरीय बैठक तक इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर सीमा शुल्क न लगाने पर सहमत हुए थे। अगली मंत्रिस्तरीय बैठक मार्च 2026 के आ​खिर में निर्धारित है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने इस मुद्दे पर बिज़नेस स्टैंडर्ड द्वारा भेजे गए सवालों का खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं दिया।

संयुक्त बयान में डिजिटल व्यापार पर सीमित जानकारी साझा की गई है। दोनों देश भेदभावपूर्ण या बोझिल चलन और डिजिटल व्यापार में अन्य बाधाओं को दूर करने तथा द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत एक दमदार और पारस्परिक रूप से लाभकारी डिजिटल व्यापार नियमों का रास्ता साफ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। फैक्ट शीट में यह भी कहा गया है कि भारत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करेगा। दोनों देश मूल नियमों पर बातचीत करेंगे ताकि उसका फायदा मुख्य तौर पर अमेरिका और भारत को मिले।

पिछले साल मार्च में अंतिम रूप दिए गए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए निर्धारित रूपरेखा के अनुसार, दोनों देश शेष शुल्क बाधाओं, अतिरिक्त गैर-शुल्क बाधाओं, व्यापार संबंधी तकनीकी बाधाओं, सीमा शुल्क एवं व्यापार सुविधा, अच्छी नियामकीय प्रथाओं, बौद्धिक संपदा, सरकारी खरीद आदि पर बातचीत जारी रखेंगे।

First Published : February 10, 2026 | 10:27 PM IST