बाजार में तेजी बदस्तूर जारी है। विदेशी पोर्टफालियो निवेशकों (एफपीआई) की लिवाली के दम पर बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स बुधवार को बढ़त जारी रखते हुए 46,000 के पार पहुंच गया। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 495 अंक (1.1 प्रतिशत) की तेजी के साथ 46,103 के स्तर पर बंद हुआ। लगातार सातवें कारोबारी सत्र में सेंसेक्स में तेजी दिखी। एनएसई निफ्टी भी 136 अंक (1 प्रतिशत) की उछाल के साथ 13,529 पर बंद हुआ। पिछले 21 कारोबारी सत्र में 14 में सूचकांक नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। दिसंबर में अब तक दोनों सूचकांकों में 4.4 प्रतिशत तक की तेजी आ गई है। इससे पहले नवंबर में सूचकांकों में 11.5 प्रतिशत तेजी दर्ज हुई थी।
बाजार में विदेशी निवेशकों की भारी लिवाली ने दोनों सूचकांकों को मजबूत दी। एफपीआई दिसंबर में अब तक महज 5 कारोबारी सत्रों में 2 अरब डॉलर से अधिक रकम झोंक चुके हैं। इससे पहले नवंबर में एफपीआई ने 8.1 अरब डॉलर से अधिक निवेश किया था। बुधवार को उन्होंने 3,560 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में ही सेंसेक्स ने 1,000 अंक की बढ़त हासिल की है।
बाजार में मौजूदा तेजी पर ऐक्सिस सिक्योरिटीज में मुख्य निवेश अधिकारी नवीन कुलकर्णी ने कहा, ‘बाजार में तेजी के पीछे कई कारण हैं। कोविड-19 से बचाव के टीके को लेकर हुई प्रगति, भारत में इस महामारी की धीमी होती दर और वित्तीय तंत्र में मौजूद नकदी आदि ने अहम भूमिका निभाई है। अर्थव्यवस्था में उम्मीद से अधिक गति से सुधार हुआ है और इससे भी बाजार में निवेशकों का उत्साह बढ़ेगा।’
मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि कोविड-19 से रोकथाम के कुछ टीकों को अगले कुछ हफ्तों में मंजूरी दी जा सकती है। दूसरी तरफ अमेरिका के दवा नियामक ने भी कहा है कि फाइजर के टीके पहले वैज्ञानिक मूल्यांकन से पता चलता है कि यह कोविड-19 से असरदार सुरक्षा देता है। वेलेंटिस एडवाइजर्स के संस्थापक ज्योतिवद्र्धन जयपुरिया ने कहा, ‘टीका आने के बाद परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी। लॉकडाउन से जो आर्थिक गतिविधियां थम गई थीं, वे दोबारा पटरी पर आ जाएंगी। कुल मिलाकर धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था सामान्य स्थिति में आ जाएगी।’ जयपुरिया ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बाजारों में नकदी की कोई कमी नहीं है और ब्याज दरें भी काफी निचले स्तर पर हैं। उन्होंने कहा कि डॉलर सूचकांक में कमजोरी दिख रही है और जब भी ऐसा हुआ है, तब उभरते बाजारों का प्रदर्शन दमदार रहा है।
इस बीच, मंगलवार को अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने 916 अरब डॉलर की प्रोत्साहन रकम का प्रस्ताव दिया। इस घोषणा के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों में तेजी दर्ज की गई। कोविड-19 के एक बार फिर बढ़ते संक्रमण के बीच निवेशकों को लगता है कि इस वर्ष के अंत तक प्रोत्साहन रकम पर अमेरिका में आपसी सहमति बन जाएगी।