Defence Stocks to Buy: भारत सरकार का लक्ष्य आने वाले सालों में डिफेंस प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट बढ़ाने का है, जिसके चलते सेक्टर की कंपनियां फोकस में हैं। ब्रोकिंग फर्म एंटीक ने डिफेंस सेक्टर की प्राइवेट कंपनी एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स (Astra Microwave Products) पर ताजा रिपोर्ट निकाला है, जिसमें शेयर पर खरीदारी की रेटिंग के साथ कवरेज शुरुआत की है। बता दें कि यह शेयर पिछले 6 महीने में करीब 80 फीसदी तक का रिटर्न दे चुका है। एनलिस्ट्स का अनुमान है कि दमदार फंडामेंटल के चलते शेयर मौजूदा स्तरों से भी 20 फीसदी से ज्यादा की तेजी दिखा सकता है।
ब्रोकिंग फर्म ने लंबी अवधि के नजरिये से एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स के शेयर पर खरीदारी की रेटिंग के साथ कवरेज शुरु किया है। साथ ही शेयर पर 2000 रुपये का अपसाइड टारगेट दिया है। शेयर 24 अगस्त को 1671 रुपये के भाव पर बंद हुआ था। डिफेंस सेक्टर के इस शेयर ने 2026 में अब तक 70 फीसदी से ज्यादा की तेजी दिखा चुका है। 31 जुलाई को ही शेयर ने 1,960 रुपये का स्तर छुआ, जो 52-हफ्तों का हाई भी है।

एनलिस्ट्स मान रहे हैं कि एयर डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर की बढ़ती अहमियत के बीच कंपनी अच्छी स्थिति में है। इसे मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन, गहरी R&D क्षमता और स्थापित इंफ्रास्ट्रक्चर का सपोर्ट है। ब्रोकरेज को कंपनी के लिए अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। क्योंकि जिस बिजनेस में कंपनी है उसमें फिलहाल 25000 करोड़ रुपये की संभावना नजर आ रही।
मैनेजमेंट का भी टारगेट अगले 5 सालों में 8000 से 10000 करोड़ रुपये के ऑर्डर हासिल करने पर है। इसके अलावा 90 फीसदी से ज्यादा BTS ऑर्डर्स के साथ एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स का 4300 करोड़ रुपये का दमदार ऑर्डरबुक है, जो आने वाले 3.5 साल के रेवेन्यू की विजिबिलिटी दे रहा।
कंपनी की आय में पूरे हो चुके सिस्टम्स की बढ़ती भागीदारी में भी बढ़ोतरी दर्ज जा रही, जो अगले 3-5 सालों में 15 फीसदी से 50 फीसदी तक करने का लक्ष्य है। इससे मार्जिन स्थिरता और RoCE विस्तार को सपोर्ट मिल रहा। बता दें कि डोमेन में कामकाज का कंपनी के पास 30 सालों से ज्यादा अनुभव है।
ब्रोकरेज की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक FY26-29 के दौरान PAT CAGR 35% रहने का अनुमान है, जिसे मजबूत ऑर्डर इनफ्लो और बढ़ते ऑर्डरबुक के एग्जीक्युशन का सपोर्ट मिलेगा।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)