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ऐंजल ब्रोकिंग आईपीओ है साहसी निवेशकों का दांव

Last Updated- December 15, 2022 | 1:34 AM IST

आरंभिक सार्वजनिक निर्गम की बेहतर स्वीकार्यता और इक्विटी बाजारों में प्रत्यक्ष खुदरा भागीदारी में इजाफे के साथ आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के लिए ऐंजल ब्रोकिंग का समय सही है। दो दशक से ज्यादा का अनुभव और कारोबारी मॉडल में पूरी तरह बदलाव से बचत के वित्तीयकरण की थीम मानने वालों को यह आईपीओ आकर्षित कर सकता है। ब्रोकिंग के क्षेत्र में ऐंजल ब्रोकिंग का अहम स्थान है, जहां सूचीबद्ध कंपनियोंं की भरमार नहीं है लेकिन कुछ वजहों से इनमें निवेशकों की बहुत ज्यादा दिलचस्पी नहीं देखने को मिली है।

परिचालन
ब्रोकिंग कारोबार से उसे 72 फीसदी राजस्व मिलता है और यही ऐंजल का फोकस पॉइंट है। कम लागत वाला ब्रोकर होने के बावजूद फर्म शोध व निवेश सलाहकारी सेवाएं मुहैया कराती है। संपूर्ण सेवाएं मुहैया कराने के लिए वह मार्जिन ट्रेडिंग की सुविधा के अलावा शेयर के बदले कर्ज भी देती है। मार्जिन ट्रेडिंग डेरिवेटिव के लिए अहम है। इसके अलावा ऐंजल म्युचुअल फंड, स्वास्थ्य व जीवन बीमा योजनाओं की वितरक भी है। क्लाइंटों को जोडऩे के लिहाज से जीरोधा उसकी बड़ी प्रतिस्पर्धी है। सूचीबद्ध कंपनियों में 5पैसा डॉट कॉम ऐंजल से पीछे है। ऐंजल तेजी से एफऐंडओ में बाजार हिस्सेदारी का विस्तार कर रही है, एक ऐसा कारोबार जहां ज्यादा कार्यशील पूंजी की दरकार होती है।

कारोबार की स्थिति
डिजिटल क्षमता के कारण सूचीबद्ध कंपनियों में ऐंजल की स्थिति उम्दा हो सकती है। उसका सिर्फ 15 फीसदी कारोबार ही डीलरों से हासिल होता है, वहीं 53 फीसदी क्लाइंटों व सोर्स वाले ऑनलाइन से। कंपनी डिजिटल के क्षेत्र में चार अहम पेशकश करती है – ट्रेड डॉट ऐंजलब्रोकिंग डॉट कॉम, ऐंजल ब्रोकिंग मोबाइल ऐप, ऐंजल स्पीडप्रो और ऐंजल बीईई। इसका मशीन लर्निग टूल एआरक्यू 2016 में शुरू हुआ, जो ग्राहकों को उनकी जरूरत समझने में मदद करती है, लेकिन उससे पहले उन्हें अपनी पसंद का प्लेटफॉर्म चुनना होता है। 25 लाख ग्राहक और 43.9 लाख ऐंजल ब्रोकिंग मोबाइल ऐप डाउनलोड के साथ ऐंजल की उद्योग में रैंकिंग वित्त वर्ष 2020 के चौथे पायदान से पहली तिमाही में दूसरे पायदान पर आ गई। धनाढ्य निवेशकों समेत खुदरा निवेशकों के इक्विटी में आने से इस बढ़त को सहारा मिला है।

वित्तीय लेखाजोखा
वित्तीय स्थिति अलग तस्वीर सामने रखती है और पहली तिमाही से पहले यह बहुत ज्यादा उत्साहजनक नहीं रहा है। पहली तिमाही में कंपनी का नकारात्मक परिचालन नकदी प्रवाह 278.3 करोड़ रुपये था, जो भरोसा नहींं जगाता है। वित्त वर्ष 2018 में भी उसका परिचालन नकदी प्रवाह नकारात्मक था और यह 306.3 करोड़ रुपये था।

प्रमुख जोखिम
निवेशकों के सामने सवाल यह है कि क्या वे कंपनी की कार्यशील पूंजी की जरूरतें पूरी करने के इच्छुक हैं। ऐंजल के पेशकश दस्तावेज मसौदे के मुताबिक, अगर उसका कुल कर्ज नेटवर्थ के पांच गुने से ज्यादा हो जाता है तो कंपनी को मार्जिन ट्रेडिंग के लिए और कर्ज जुटाने की इजाजत नहीं मिलेगी। मसौदे में कहा गया है, पेशकश में देरी से हमारे कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा, जिसका प्रभाव परिचालन, नकदी पप्रवाह और वित्तीय स्थिति पर देखने को मिलेगा। पहली तिमाही में नकारात्मक नकदी प्रवाह को देखते हुए यह इश्यू निवेशकों के सामने जोखिम पेश करता है। ऐंजल का इस्तेमाल ब्रांड नाम के तौर पर करना भी मुकदमेबाजी के दायरे में है। इस पर प्रतिकूल फैसले से ब्रांडिंग व कम्युनिकेशन की लागत बढ़ सकती है, जिसका उसकी वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर प्रमुख जोखिम है पहली तिमाही में जिस रफ्तार से ग्राहक हासिल किए गए, उसका टिका रहना। खुदरा भागीदारी में कमी से ऐंजल के कारोबार व वित्तीय स्थिति पर काफी असर पड़ सकता है।

मूल्यांकन
वित्त वर्ष 20 की 28 गुने आय पर आनंद राठी के विश्लेषकों को लगता है कि इश्यू की कीमत उचित है। हालांकि मूल्यांकन के साथ-साथ जिस तरह का जोखिम है उसे देखते हुए यह आईपीओ उच्च जोखिम वाले निवेशकों के लिए अच्छा है।

First Published - September 22, 2020 | 12:29 AM IST

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