अंबुजा सीमेंट का शेयर सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान बीएसई पर 11 फीसदी उछलकर 572 रुपये की नई रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गया। हालांकि अंत में यह 9.3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 564 रुपये पर बंद हुआ जबकि एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स में 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा है कि अंबुजा सीमेंट और उसकी सहायक एसीसी मध्यम से लंबी अवधि में देश की सबसे लाभकारी सीमेंट कंपनी बनेगी। इस खबर से ही शेयर में उछाल दर्ज हुई।
कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में लंबी अवधि में होने वाली बढ़ोतरी को लेकर विश्लेषक सकारात्मक बने हुए हैं लेकिन बाजार में होने वाली अत्यधिक आपूर्ति के कारण कंपनी के लाभ पर पड़ने वाले संभावित चोट के खिलाफ चेतावनी भी दी है।
कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों ने कहा, लागत दक्षता के कारण बाजार हिस्सेदारी व मार्जिन में हम खासी बढ़ोतरी की गुंजाइश देख रहे हैं। बढ़त को लेकर अदाणी की महत्वाकांक्षा और इस क्षेत्र के कम लिवरेज को देखते हुए आपूर्ति बढ़ सकती है और लाभ पर असर पड़ सकता है।
शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद एक्सचेंज को भेजी सूचना में अदाणी समूह ने सीमेंट फर्मों के अधिग्रहण से जुड़ा लेनदेन पूरा होने की बात कही थी। इसमें कहा गया था कि सीमेंट कारोबार में वह 20,000 करोड़ रुपये लगाएगा और साल 2030 तक उसका इरादा सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी बनने का है।
अंबुजा सीमेंट ने एक या एक से अधिक चरणों में प्रवर्तक इकाई को 418.87 रुपये के भाव पर 47.74 करोड़ वॉरंट के तरजीही आवंटन की मंजूरी मांगी है, जो करीब 20,000 करोड़ रुपये का होगा। यह 18 महीने में होगा और प्रवर्तक का स्वामित्व मौजूदा 63.15 फीसदी से बढ़कर 70.3 फीसदी पर पहुंच जाएगा।
अंबुजा-एसीसी के भविष्य पर ब्रोकरेज की राय
जेफरीज, खरीदें, लक्ष्य 620 रुपये
विस्तृत रोडमैप अभी हालांकि उपलब्ध नहीं है, लेकिन अंबानी समूह के पास अंबुजा सीमेंट के स्वामित्व के मायने हैं। एकीकृत अदाणी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म से अंबुजा-एसीसी को फायदा मिलेगा, खास तौर से कच्चा माल, अक्षय ऊर्जा व लॉजिस्टिक्स में। नए नेतृत्व के तहत अंबुजा में तेज गति से होने वाली बढ़ोतरी को देखते हुए अब हम अंबुजा का एकीकृत एबिटा 16 गुना आंक रहे हैं, जो अल्ट्राटेक के 15 गुना लक्ष्य से थोड़ा ज्यादा है। ब्रोकरेज ने एसीसी को भी 3,030 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है।
मॉर्गन स्टैनली, अंडरवेट
2022-24 में एसीसी व अंबुजा सीमेंट 10,000 करोड़ रुपये का मुक्त नकदी प्रवाह जोड़ सकती हैं, जो क्षमता में 1.5 करोड़ सालाना की बढ़ोतरी का संकेत देता है और इस तरह से एसीसी, अंबुजा की कुल संयुक्त क्षमता 12.5 करोड़ टन सालाना हो जाएगी। अगले कुछ वर्षों में एसीसी, अंबुजा के संयुक्त वॉल्यूम में होने वाली बढ़ोतरी बड़ी समकक्ष फर्मों से कम होगी क्योंकि वे ज्यादा क्षमता का इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही दोनों का मौजूदा लागत ढांचा मध्यम अवधि में लाभ पर नियंत्रण रखेगा। मौजूदा मूल्यांकन समकक्षों के मुकाबले सस्ते नहीं हैं। हम एसीसी व अंबुजा सीमेंट पर अंडरवेट रुख बरकरार रखे हुए हैं।
सिटी, बेचें, लक्ष्य : 340 रुपये
हमारा मानना है कि नए निवेश से समूह को पांच साल में उत्पादन क्षमता दोगुनी करने में कामयाबी मिलेगी, लेकिन हम और अधिग्रहण के जरिये बढ़त की योजना व वॉरंट इश्यू से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल पर स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज, तटस्थ, लक्ष्य : 680 रुपये
क्षमता जोड़ने में एसीसी व अंबुजा सीमेंट पिछड़ी हुई हैं और उनकी स्थापित क्षमता में सालाना चक्रवृद्धि के हिसाब से वित्त वर्ष 11-22 के दौरान महज 2 फीसदी का इजाफा हुआ। वहीं अन्य कंपनियों की रफ्तार इस दौरान 6 से 13 फीसदी तक की रही। दोनों कंपनियां शुद्ध नकदी के मामले में सकारात्मक हैं और संचयी नकद शेष जून 2022 के आखिर में 8,400 करोड़ रुपये था। 20,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने से समूह को कैलेंडर वर्ष 2026 तक उत्पादन क्षमता 7 करोड़ टन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। मोतीलाल ओसवाल का 3,185 रुपये के लक्ष्य के साथ एसीसी पर भी तटस्थ रुख है।
कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज,
बेचें, लक्ष्य : 440 रुपये
कम लिवरेज का रिकॉर्ड और कंपनियों की बढ़त की महत्वाकांक्षा के कारण हम इस क्षेत्र में आपूर्ति का जोखिम उभरते हुए देख रहे हैं। उत्पादक अपनी उत्पादन क्षमता वित्त वर्ष 2022-26 के दौरान 5.5 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि की रफ्तार से बढ़ा सकते हैं, जो वित्त वर्ष 2019-22 के दौरान 3.9 फीसदी सीएजीआर के हिसाब से हुआ। हम आपूर्ति में बढ़ोतरी का जोखिम देख रहे हैं, जो क्षेत्र के लाभ पर असर डाल सकता है। हम अंबुजा के लिए एबिटा कैलेंडर वर्ष 2023 व 24 के लिए 2 फीसदी व 18 फीसदी बढ़ा रहे हैं। हमारी उचित कीमत 345 रुपये से बढ़कर 440 रुपये हो चुकी है।